ग्राम पंचायत के धन का प्रधान व सीक्रेट्ररी द्वारा किया जा रहा दुरपयोग :-रिपोर्ट अनुराग शर्मा

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बहराइच के चित्तौरा सरकार गाँव में गरीबों के लिए तमाम कल्याणकारी योजनाएं बनाकर उन्हें लागू करती है।इन योजनाओं को मूर्ति रुप देने की जिम्मेदारी शासन प्रशासन में बैठे जिम्मेदार लोगों की होती है।गरीबों के हित में बनाई जाने वाली इन योजनाओं में पात्रों का चयन करने के लिये समय समय पर वीपीएल सूची,आवासविहीन सूची, आर्थिक गणना आदि कराती है।इन लाभार्थियों का चयन घर घर जाकर और ग्राम पंचायत की खुली बैठकों में किया जाता है और वहीं सूची सरकारी महत्वपूर्णअभिलेख का स्वरूप धारण कर लेती है। पात्रों का चयन करके सूचीबद्ध करने में हुयी जरा सी चूक गरीब पात्र के भविष्य के लिए मुसीबत बन जाती है क्योंकि उसमें जल्दी सुधार नहीं हो पाता है।सरकार की इन लाभकारी योजनाओं का लाभ आज की गंदी अवसरवादी राजनीति के चलते समान रूप से सभी पात्रों को नही मिल पाती है।
इसका जीता जागता उदाहरण जनपद बहराइच के ब्लाक चित्तौरा में ग्राम पंचायत बड़ागाँव में देखने को मिला जहां पर एक जनसूचना से सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला सामने आया है।जहाँ के विकाश कार्य का आलम यह है कि अभी तक शौचालय भी ग्राम सभा मे सरकार के मंशा के अनुरूप नही बन सके हैं।प्रधानमंत्री आवास की बात की जाय तो उसमें भी भारी अनियमितता सामने आई है।प्रधानमंत्री आवास के लिए जिस लाभार्थी का नाम सूची में है उसको आवास न देकर उसके स्थान पर अपात्र को आवास दे दिया गया है।यही मामला मनरेगा के भी है जिसने कार्य नही किया है उसके नाम से पैसे का पेमेंट ले लिया गया है।अब सवाल यह है कि सरकार के द्वारा गाँव के लिए चलाई जा रही कई महत्वाकांक्षी एवं कल्याणकारी योजनाए कैसे पूर्ण होंगी जब अधिकारी कर्मचारी इतनी भ्रस्टाचार करेंगे।कैसे लगेगा ऐसे भ्रस्टाचारियो पर लगाम कब होगी ऐसे ग्रामप्रधानों पर कार्यवाही। कही ये अधिकारी कर्मचारी मोदी और योगी सरकार के विरोध में तो ऐसा नही कर रही है।सारी बाते अपने आप मे यक्ष प्रश्न है।
बाइट बी डी ओ चित्तौरा सी बी यादव

बाइट ग्रामीण

 

Prem

Prem

Sud-Editor

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