अमेठी में भाजपा अपनी जमीन तलाशने लगी

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कौशल किशोर मिश्रा ब्यूरो चीफ अमेठी के साथ अशोक श्रीवास्तव फ़ैज़ाबाद रीजन हेड

क्या गांधी परिवार के कर्मभूमि पर भाजपा पूरी कर पायेगा अपनी भगवा लहराने की मंशा?’

’गांधी परिवार की कर्मभूमि पर योगी का सीएम के रूप मे प्रथम आगमन’
’जिन्हें खुद सीएम व शाह जिन्हें जेड प्लस सुरक्षा के बावजूद अपनी रक्षा का भय हो, वो कैसें करेंगें, प्रदेश जनता की सुरक्षा का दावा?’

अमेठी। एक ही मां के दो भाईयों को सपा-बसपा की राजनीतिक जंग ने जनपद सुलतानपुर व अमेठी एक जिस्म दो जान की तरह जनपद सुलतानपुर से अलग कर अमेठी जनपद का नाम देकर दोनों जनपदों की जनता के बीच एक प्रशासनिक दीवार खड़ी कर दी गयी।
गौरतलब हो कि जिस सरजमीं अमेठी पर अपना साम्राज्य स्थापित कर परचम लहराने की होड़ में प्रदेश की ही नही बल्कि देश की सभी बड़ी पार्टियां चाहे वो सपा हो, बसपा हो, आप हो, या फिर प्रदेश से लेकर केन्द्र तक सत्ता की मलाई काट रही भाजपा सरकार हो, सभी को गांधी परिवार द्वारा अपनें प्राणों की आहूति देकर बनाये गये अमेठी साम्राज्य की कर्मभूमि के क्षेत्र मात्र अपना परचम लहराकर गांधी परिवार की तरह बलिदान नही, बल्कि अपना नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज करानें की पड़ी है।
आप ये मत सोचियेगा कि मैं किसी पार्टी की बुराई या किसी की तरफदारी कर रहा हूं। किन्तु जो सही है उसे लिखनें में मुझे कोई संकोच नही है और न ही किसी पार्टी का डर, कारण मेरी लेखनी सदैव निष्पक्ष चली है और चलती रहेगी।
आज इस लेख के जरियें जनपद अमेठी के उस कड़वे सच को जनता के समक्ष रखना चाहता हूं जिसें कही न कही जनपद अमेठी व सुलतानपुर की जनता ही नही बल्कि मौजूद गांधी परिवार के सदस्य भी भूल रही है। मैं जानना चाहता हूं कि क्या कभी आपनें उन लोगों में यह महसूस किया है कि जिस जमीं एमपी, एमएलए, मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री बनने का सपना देखने वालें लोगो द्वारा मंच पर खड़े होकर अपनें मुख से क्षेत्र में अपना परचम लहराने की बात कही जाती है उनके द्वारा दो शब्द ऐसे व्यक्ति के सम्मान मे कहे गये हो, जिनकी बनाई गयी पृष्टिभूमि पर खड़े होकर आज वह सपना देख रहे है। आज स्वहित के चलतें देश की गन्दी राजनीति को देखते हुए ये लिखने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है कि आज देश की सत्ताधारी पार्टियों का अगर वश चले तो इनके द्वारा देश के तिरंगे को भी उतारकर अपनी पार्टी का झंडा फहरा दिया जाय। देश व प्रदेश के उन समस्त नेता, राजनेताओ व क्षेत्र की जनता को यह याद दिलाना चाहता हूं कि—
?? ’जिस हेलीपैड पर आकर देश के नेता से लेकर राजनेता तक उतरते है वह गांधी परिवार की देन है।’
?? ’जिन सड़कों से होकर विभिन्न स्थानों पर पहुंच भाषणबाजी करते है वो सड़के भी गांधी परिवार की देन है।’
?? ’चुनाव के समय गॉव-गॉव तक जिन पगडंडियों से ये लोगों के घरों तक पहुंचते है वो भी गांधी परिवार की देन है।’
?? ’जिस वीआईपी गेस्टहाऊस में विश्राम करते है गांधी परिवार की ही देन है।’
ये बात और है कि आज इस परिवार के वंशज अपने पूर्वजों की तरह जनता से ज्यादा क्षेत्र में तैनात अपने लोगों पर विश्वास कर उनकी नजरों से क्षेत्र की जनता का विकास देख रहे है और शायद यही कारण है कि आज इनके पैतृक कर्मभूमि पर विपक्षी अपना परचम लहराने में सफल होते दिख रहे है वर्ना आज भी अमेठी की जनता के दिलों में गांधी परिवार ही बसा है।

 

Ashok Shrivastav

State Head Uttar Pradesh

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