बैंकों के 86 प्रतिशत एटीएम पर नकदी उपलब्ध, एसबीआई ने कहा-कल तक दूर हो जाएगी दिक्कत

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नयी दिल्ली , ( भाषा ) देश के कई हिस्सों में पिछले कई दिन से जारी नकदी संकट अब हल होता दिख रहा है। आज करीब 86 प्रतिशत एटीएम परिचालन में आ गए। ऐसे क्षेत्रों में नकदी पहुंचाई जा रही है जहां इसकी कमी है। सरकारी नोट छापने वाले कारखाने नए नोट छापने के लिए दिनरात काम कर रहे है।

देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार ने आज कहा कि कुछ राज्यों में सामने आ रही नकदी की कमी की समस्या का कल तक समाधान कर लिया जायेगा। इन राज्यों में नकदी भेजी जा रही है।

कुमार ने कहा कि कुछ इलाके ही ऐसे हैं जहां नकदी की कमी से एटीएम मशीनें चलाने में दिक्कत आ रही है या जहां कुछ विशेष तरह के नोटों की कमी है।

कुमार ने यहां पत्रकारों से कहा , ‘‘ यह कोई सभी क्षेत्रों में नकदी की कमी वाली समस्या नहीं है। यह तेलंगाना और बिहार जैसे इलाकों में हैं। हमें उम्मीद है कि यह समस्या कल तक सुलझ जाएगी क्योंकि नकदी भेजी जा रही है और यह इन राज्यों में आज शाम तक पहुंच जाएगी। ’’ इस बीच , सरकारी अधिकारियों ने कहा कि उन इलाकों जहां पिछले तीन दिन के दौरान मांग में जोरदार तेजी आई है वह नकदी पहुंचाने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। कुल 2.2 लाख एटीएम में से 86 प्रतिशत से अब नकदी मिल रही है। कल तक 80 प्रतिशत एटीएम परिचालन में थे जबकि मंगलवार को सिर्फ 60 प्रतिशत एटीएम काम कर रहे थे।

आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि सरकार को संदेह है कि 2,000 रुपये के नोट की जमाखोरी की जा रही है। क्योंकि यह नोट वापस बैंकिंग तंत्र में नहीं लौट रहा है। नकदी की तंगी से निपटने के लिये 500 रुपये के नोट की छपाई पांच गुणा तेज कर दी गई है।

देश के कुछ राज्यों में नकदी की तंगी के बीच सरकार ने नोटों की छपाई का काम तेज कर दिया है। चारों नोट छपाई कारखानों में 24 घंटे काम हो रहा है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि देश में अनुमानित आधार पर 70,000 करोड़ रुपये की नकदी की कमी को पूरा करने के लिए इस हफ्ते मशीनें 500 और 200 रुपये के नोटों की अनवरत छपाई कर रही हैं।

अधिकारी ने पीटीआई – भाषा से कहा कि भारतीय प्रतिभूति मुद्रण और मुद्रा निर्माण निगम लिमिटेड ( एसपीएमसीआईएल ) के चारों छपाईखाने औसतन दिन में 18 से 19 घंटे काम करते हैं , सिर्फ तीन से चार घंटे का ही विराम होता है। लेकिन नकदी की अचानक बढ़ी मांग और एटीएम मशीनों में नकदी खाली होने के चलते यह मुद्रणालय हफ्ते के सातों दिन और 24 घंटे काम कर रहे हैं।

आम तौर पर मुद्रा को प्रिंट किए जाने का चक्र 15 दिन में होता है। इस हफ्ते से जिन नोटों की छपाई शुरु हुई है वह बाजार में इस माह के आखिर तक ही उपलब्ध हो सकेंगे।

अधिकारी ने कहा कि इससे पहले छपाईखानों ने 24 घंटे काम नोटबंदी के बाद 2,000 रुपये की नोटों की छपाई के लिए किया था। ताकि बाजार में आयी तरलता की कमी को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके।

इस मुद्दे पर दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि मुद्रा संकट को लेकर जो होहल्ला हो रहा है वह देश को गुमराह करने के लिए किया जा रहा है।

इस बीच , आल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन ( एआईबीईए ) ने इस मुद्दे पर आंदोलन की चेतावनी दी है। एसोसिएशन का कहना है कि नकदी संकट की वजह से बैंक कर्मचारियों को जनता की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। एसोसिएशन ने सरकार और रिजर्व बैंक को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

Prem

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Sud-Editor

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