चंडीगढ़ की खास ख़बरें धर्मवीर शर्मा , स्टेट हेड चंडीगढ़ से

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पंजाब निगमों पर मेयरों का ऐलान जल्द,शाही शहर पटियाला पर 23 को लगेगी मोहर
:पंजाब नगर निगम चुनाव के बाद अब जल्द ही मेयरों के नामों का ऐलान भी कर दिया जाएगा। यह कहना है पंजाब कांग्रेस के प्रधान सुनील जाखड़ का। दिल्ली में हुई कांग्रेस की मीटिंग के बाद पत्रकारों से बात करते सुनील जाखड़ ने बताया कि मेयरों के चयन के लिए आब्जर्वरों को चुन लिया गया है। जो जालंधर,अमृतसर और पटियाला के कौंसलरों की राय लेंगे,जिसके आधार पर मेयरों का चयन होगा ।
दिल्ली के कपूरथला हाऊस में हुई इस मीटिंग में पंजाब के मुख्य मंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह ,पंजाब मामलों की इंचार्ज आशा कुमारी के साथ-साथ कई सीनियर नेता पहुंचे। मीटिंग के दौरान  2019 में होने वाले लोक सभा चुनाव पर भी चर्चा हुई।  वहीं पटियाला में कैबिनेट मंत्री साधु सिंह धर्मसोत ने कहा कि 23 जनवरी को शाही शहर पटियाला को नया मेयर मिल जाएगा। उन्होंने बताया कि मंत्री सभी पार्षदों की मीटिंग 22 जनवरी को सुबह 10 बजे सर्किट हाऊस में बुलाई गई।

बॉक्सर जितेंद्र मान हत्याकांड का हुआ चौंकाने वाला खुलासा, प्रेमिका ने रची थी साजिश

 


: यूपी में जनपद गौतम बुद्ध नगर के ग्रेटर नोएडा इलाके में अंतर्राष्ट्रीय बॉक्सर जितेंद्र मान हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस मामले में पुलिस ने 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक देहात सुनीता सिंह ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को पता लगा कि बॉक्सर की हत्या त्रिकोणीय प्रेम प्रसंग के चलते की गई है। जांच में मान की प्रेमिका का नाम सामने आया है। मान की प्रेमिका ने अपने दूसरे प्रेमी और बुलंदशहर के बड़े मीट कारोबारी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। प्रेमिका ने ही गोली मारकर जितेंद्र की हत्या की थी।
पुलिस का कहना है कि मान ने अपनी प्रेमिका का अश्लील वीडियो बना रखा था जिसे हत्या की बड़ी वजह माना जा रहा है।  गौरतलब है कि 12 जनवरी को ग्रेटर नोएडा के एबीपी हाइट्स सोसायटी के एक फ्लैट में खिलाड़ी जितेंद्र मान का शव पुलिस ने बरामद किया था। पोस्टमार्टम के दौरान मान के शव से 3 गोलियां निकाली गई थी।

 

कैसे बनेंगे बढ़िया खिलाड़ी, एक महीने से नहीं मिली डाइट

गुरदासपुर वीडियो में दिखने वाले ये वो खिलाड़ी हैं जिन्होंने आने वाले समय में पंजाब और देश का नाम रौशन करना है मगर एक बढ़िया खिलाड़ी बनने के लिए प्रैक्टिस के साथ-साथ जो डायट की जरूरत है,वो इन्हें नहीं मिल रही। मामला गुरदासपुर के स्पोर्टस विंग का है। विंग में कुल 270 खिलाड़ी अलग-अलग खेलों की प्रैक्टिस करते हैं मगर इन्हें कुछ महीनों से जरूरत के मुताबिक खुराक नहीं मिल रही। जो थोड़ी बहुत डाइट मिलती थी वो भी एक महीने से बंद हो गई है।
ऐसा नहीं कि सरकार की तरफ से इनको डाइट उपलब्ध नहीं करवाई जाती। सरकार तो ख़ुराक के लिए 100 रुपए प्रति खिलाड़ी के हिसाब से देती है मगर  ठेकेदार अपने लाभ के लिए इन खिलाड़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर जाता है।
उधर, डी. सी. गुरलवलीन सिंह ने इस मामले में जांच करने का भरोसा दिया है। युवा पीढ़ी को खेलों की तरफ आकर्षित करने और बढ़िया खिलाड़ी बनाने के लिए सरकार हर जरुरी फंड मुहैया करवा रही है मगर इन खिलाड़ियों को पूरी डायट न मिलना चिंता का विषय।

 

गणतंत्र दिवस को लेकर रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर चैकिंग की गई

 

 

 

 

अबोहर (शर्मा): 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के तहत लोगों की सुरक्षा के लिए पंजाब सरकार द्वारा कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं जिसके तहत जिला फाजिल्का के एसएसपी केतन बलिराम पाटिल व एसएसपी केतन बलिराम पाटिल के नेतृत्व में डीएसपी जलालाबाद अमरजीत सिंह, डीएसपी फाजिल्का नरेन्द्र कुमार, सीटी जलालाबाद के प्रभारी अभय चौहान, अरनीवाला थाना के प्रभारी पंजाब सिंह, नगर थाना के प्रभारी परमजीत कुमार व रेलवे थाना के प्रभारी बरजिंद्र सिंह के साथ एएसआई हरबंस सिंह, मुंशी दया सिंह, हैडकांस्टेबल भजन लाल, एएसआई हरदेव सिंह, एएसआई हंसराज व अन्य पुलिस पार्टी ने अबोहर रेलवे स्टेशन पर रेल की चैकिंग के साथ यात्रियों के सामान की भी चैकिंग की। इसी के साथ उन्होंने अबोहर बस स्टैंड, फाजिल्का बस स्टैंड व अन्य सार्वजनिक स्थानों की चैकिंग की। इसी के साथ उन्होंने सीडफार्म पक्का, कच्चा के शक्की लोगों के घरों में जाकर छापा मारकर जांच की ताकि कोई व्यक्ति नशे का कारोबार तो नहीं कर रहा। जो नशे का कारोबार करते थे उनके घरों की भी स्पैशलतौर पर चैकिंग की गई।

अबोहर रेलवे पुलिस के प्रभारी चरणदीप की जगह आए बरजिंद्र सिंह

अबोहर (शर्मा): पंजाब रेलवे पुलिस के एडीजीपी के दिशा निर्देशों पर अबोहर रेलवे थाना के प्रभारी चरणदीप सिंह को बदलकर संगरूर लगाया गया है। उनके स्थान पर नए प्रभारी बरजिंद्र सिंह को नियुक्त किया गया है।

 नई सडक़ पर सफाई अभियान तेज किया

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अबोहर (शर्मा): अबोहर की उपमंडल अधिकारी पूनम सिंह व ई.ओ. विजय जिंदल तथा अबोहर विकास मंच द्वारा शहर को सुंदर बनाने के लिए जो अभियान चलाया गया है उसके तहत विजय कुमार तथा कांग्रेसी नेता छिंदा सिंह जो समाजिक सेवा के कार्य कर रहे हंै ने अपने साथियों सहित नई सडक़ पर सफाई अभियान चलाया। सडक़ पर पड़ी मिट्टी व अन्य गंदगी के ढेरों को साफ करवाया गया। उनका कहना है कि अबोहर शहर भारत के 10 गंदे शहरों में आने के कलंक को मिटाने के लिए यह अभियान तेज किया गया। लोगों को चाहिए कि वह भी शहर को सुंदर बनाने में सहयोग करें। शहर स्वच्छ होगा तो लोग स्वस्थ होंगे।

शहर में असामाजिक तत्वों  व नशा तस्करों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा : एसएसपी केतन बलिराम पाटिल

अबोहर (शर्मा): पंजाब में जब से कैप्टन सरकार बनी है तब से लेकर अब तक नशे बेचने वाले तथा असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाने में पुलिस ने काफी सफलता हासिल की  है। पंजाब को असामाजिक तत्वों व नशा तस्करों के खिलाफ जो अभियान चलाया है उसके तहत राजस्थान व हरियाणा के बार्डर पर कड़े इंतजाम किए गए है परमानेंट नाके लगाए गए हैं। इस नाकों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। बुधवार को हुई पम्प डकैती को लेकर एसएसपी बलिराम केतन पाटिल ने अबोहर के डीएसपी गुरविंद्र सिंह, एसपी अबोहर अमरजीत सिंह, डीएसपी जलालाबाद अमरजीत, डीएसपी फाजिल्का नरेन्द्र कुमार के साथ एक मीटिंग कर नाकों पर कड़ी सुरक्षा तथा शहरों में नाकाबंदी कड़ी करने के निर्देश दिए। इसी के साथ उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि असामाजिक तत्वों  व नशा तस्करों को किसी भी कीमत पर बख्शना नहीं है। उन्होंने कड़े निर्देश दिए।

फोटो : 5, एसएसपी, डीएसपी, एसपी अबोहर
[1/18, 17:16] Dharmveer Sharma Chandigarh: दहेज प्रथा के मामले में पति की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

अबोहर (शर्मा): जिला फाजिल्का के एडीशनल सैशन जज अरूण अग्रवाल की अदालत में तरूण आनंद पुत्र लेखराज वासी पिपल वाली गली कम्बोज मोहल्ला ने दहेज प्रताडऩा के मामले में अग्रिम जमानत याचिका दायर कीथी। दूसरी ओर उसकी पत्नी वंदना पुत्री अशोक कुमार वासी गली नं. 3 फ्रैंड कालोनी के वकील संदीप कुमार अदालत में पेश हुए। अदालत में सरकारी वकील द्वारा तथा वंदना के वकील संदीप बजाज द्वारा अपनी दलीलें पेश की गई। दूसरी ओर तरूण आनंद के वकील ने अपनी दलीलें पेश की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने तरूण आनंद की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
[1/18, 17:25] Dharmveer Sharma Chandigarh: GST बिलों का काला धंधा शुरू, पंजाब में 2 से 5 प्रतिशत में बिक रहे हैं 28 फीसदी वाले GST बिल
पंजाब में वैट सिस्टम के दौरान हुई बोगस बिलिंग के मामले ने सेल टैक्स विभाग को कोई सफलता नहींं दिलाई। अब जी.एस.टी. के बिलों का काला धंधा शुरू हो गया है। करोड़ों रुपए के बिल नाममात्र हजारों रुपए में बेचे जा रहे हैं। इस सारे खेल में जहां सरकार को टैक्स नहीं मिल रहा, वहीं लास्ट कंजूयमर को भी नुक्सान हो रहा है। इस सारे खेल में सबसे ज्यादा फायदा रिटेलर को होना शुरू हो गया है। इस संबंध में विभिन्न बाजारों में छानबीन की गई तो आटो पाटर्स, लोहा, सीमैंट, हार्डवेयर, टाइल बेचने वालों से जब पूछा गया कि माल खरीद का बिल दे दो तो उन्होंने कहा कि इस पर जी.एस.टी. लगेगा। जबकि यह सारा माल जी.एस.टी. लग कर आता है। यानी इन सभी आइटम की जो कीमत होती है उसमें जी.एस.टी. शामिल होता है।
GST पर रिटेलर नहीं दे रहे बिल
रिटेल ग्राहक जी.एस.टी. की दर सुनकर बिल लेने से मना कर देता है। यही से रिटेलर का पैसा कमाने के लिए बिलों को बेचने का धंधा शुरू होता है। हालांकि कंज्यूमर से जी.एस.टी. के पूरे पैसे भी ले लिए जाते हैं। फिर भी उन्हें बिल देने में रिटेलर दुकानदार आनाकानी कर अपना धंधा चमका रहे हैं। विभाग इसकी गंभीरता से जांच करे तो पंजाब में ही नहीं, पूरे भारत में जी.एस.टी. सिस्टम में अरबों रुपए का घोटाला  सामने आ सकता है। जबकि मोदी सरकार ने जी.एस.टी. को कर चोरी रोकने के लिए ऑनलाइन किया हुआ है। लेकिन बिलों को बेचने वालों ने ऑनलाइन भी आफलाइन कर दी है। सरकारी विभाग का सारा ध्यान मैन्युफैक्चरर्स पर है जबकि असल में रिटेल सेगमैंट पर नजर रखने की जरूरत है।
कैसे खेला जा रहा है बिल बेचने का खेल
उदाहरण के तौर पर सीमैंट मैन्युफैक्चरर्स ने 100 बोरी सीमैंट जी.एस.टी. लगाकर अपने डीलर को बेच दी। आगे डीलर ने यही बोरी जी.एस.टी. लगाकर रिटेल दुकानदार को बेच दी। दुकानदार ने माल होलसेल में खरीदा और उस पर जी.एस.टी. अदा किया। अब यहां समझने वाली बात है कि दुकानदार एक-एक बोरी करके बेचता है। लेकिन उसका बिल ग्राहक को नहीं देता। अगर वह बिल देगा तो ग्राहक को सीमैंट की बोरी जी.एस.टी. लगे दाम पर ही मिलेगी। परंतु बिल न देने के कारण सीमैंट को 2 नंबर में बेचा जा रहा है। अब रिटेलर की ओर से बिल पर खरीदे गए माल का जो स्टाक था उसे उसने बिना बिल के बेच दिया। लेकिन स्टाक के मुताबिक उसे बिल भी काटने पड़ेंगे। वह इन बिलों को जी.एस.टी. की कुल दर में से 2.3 प्रतिशत लेकर बाजार में बेच देता है। जिसने बिल लिया होता है उसने भी न तो माल खरीदा और न ही दुकानदार ने उसे माल बेचा। माल तो सारा दो नंबर में बिक गया। जिस कीमत पर बिल बेचे जाते है वो उसका काले धंधे वाला प्राफिट है। इसके अतिरिक्त दुकानदार ने होलसेल का माल जिस कीमत पर खरीदा वो जी.एस.टी. भी विभाग से कलेम करेगा। सबसे ज्यादा बिल निर्यातकों को बेचे जा रहे है।

जी.एस.टी. का बिल कितनी कम दर पर मिल रहा है
– सीमैंट पर 28 प्रतिशत जी.एस.टी. है लेकिन बाजार में रिटेलर से बिल 3 प्रतिशत जी.एस.टी. अदा करके लिया जा सकता है।
– 28 फीसदी वाले टाइल का बिल 9 प्रतिशत तक बिक रहा है।
– लोहे पर 18 प्रतिशत जी.एस.टी. है। इसका बिल 4 से 5 प्रतिशत पर लिया जा सकता है।
– हार्डवेयर पर 18 फीसदी जी.एस.टी. है। इसका बिल भी 2 से 3 प्रतिशत तक आसानी से मिल जाता है।
– आटो पाटर्स के 18 प्रतिशत जी.एस.टी. वाले बिल को 5 प्रतिशत पर बेचा जा रहा है।
यहां बता दे कि बिल पर जी.एस.टी. की एक्चुअल दर लिखी जाएगी। लेकिन अंडर दी टेबल दुकानदार कैश पैसे लेकर इस बिल को बेच रहे हैं। जिसको बिल बेचे हैं वो अब यहां विभाग से एक्चुअल जी.एस.टी. की दर को कलेम करेगा।
प्रदेश में नहीं थम रही हैवानियत, छात्रा का अपहरण कर चाकू की नोक पर गैंगरेप
चरखी :प्रदेश में हैवानियत की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अब चरखी दादरी के गांव मानकावास में एक 12वीं की छात्रा को घर के बाहर से चाकू की नोक पर अगवाकर 4 युवकों ने रेप की घटना को अंजाम दिया। अगले दिन छात्रा बेहोशी की हालत में घर के बाहर मिली।  होश आने पर परिजन उसे दादरी में महिला पुलिस थाना लेकर पहुंचे और शिकायत दर्ज करवाई।
चाकू की नोक पर अगवा कर किया गैंगरेप
दादरी जिले के गांव मानकावास में सोमवार रात 12वीं कक्षा की दलित छात्रा शौच के लिए निकली थी। इसी दौरान गांव का ही एक युवक ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ चाकू की नोक पर गाड़ी में डालकर अगवा कर ले लिया। सभी आरोपी छात्रा को अज्ञात स्थान पर ले गए और बारी-बारी से दुष्कर्म किया। बाद में आरोपियों ने अगले दिन सुबह बेहोशी की हालत में घर के पास फेंककर फरार हो गए। होश आने पर छात्रा ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। परिजन आज पीड़ित को लेकर दादरी महिला पुलिस थाना लेकर पहुंचे और घटना की जानकारी से अवगत करवाया।
बेटी बेहोशी की हालत में घर के पास मिली
पीड़िता की मां सुमित्रा देवी ने बताया कि उसकी बेटी मंगलवार सुबह बेहोशी की हालत में घर के पास मिली थी। बेटी के होश आने का इंतजार किया और उसके पिता घर नहीं होने के कारण किसी को जानकारी नहीं दी। बीती रात पीड़िता के पिता घर पहुंचे तो पूरा मामला बताया।
घर पर नहीं थे पीड़िता के पिता
पीड़िता के पिता सुमेर सिंह ने बताया कि उनकी लड़की को स्कूल से आते हुए एक लड़के ने धमकी दी कि रात को आ जाना नहीं तो तेरे भाई को मार देंगे। वेे घर पर नहीं थे। तीन-चार युवकों ने चाकू की नोक पर उनकी बेटी को अगवा करके हैविनियत की है। उसके घर आने के बाद बेटी ने पूरा मामला बताया। अब पुलिस को बयान दिए हैं।
दलीत समाज ने की निंदा
अखिल भारतीय चमार संघर्ष समिति के प्रदेश प्रवक्ता वेदप्रकाश भारतीय अपनी टीम के साथा थाना परिसर पहुंचे और परिजनों से बात की। बाद में उन्होंने घटना की निंदा करते हुए आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की। साथ ही अल्टीमेटम दिया कि आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो आंदोलन करेंगे और रोड जाम भी करेंगे।
स्वयं जांच करेंगे एसपी
सूचना के बाद पहुंचे पुलिस अधीक्षक हिमांशु गर्ग ने परिजनों अौर पीड़िता से पूछताछ की। एसपी ने पुलिस अधिकारियों को इस मामले में तत्परता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि वे मामले में स्वयं जांच करेंगे। इस मामले में पीड़िता ने गांव के ही एक नामजद युवक सहित तीन अन्य के शामिल होने की बात बताई है। पीड़िता से लीगल एडवाइजर द्वारा पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हरियाणा में बढ़े रेप के मामलों से चिंतित राज्यपाल, DGP बीएस संधू को किया तलब

 

 

 

 

 

प्रदेश में बच्चियों के साथ हो रही दरिंदगी की घटनाअों ने कानूनी सुरक्षा की पोल खोल कर रख दी है। राज्य में बच्चियां कितनी सुरक्षित हैं इसकी अंदाजा आए दिन हो रही दुष्कर्म की घटनाअों से सहज ही लगाया जा सकता है। हरियाणा में 4-5 दिनों में सामने आई रेप की घटनाअों को लेकर हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने डीजीपी बीएस संधू को तलब किया। जहां उनके साथ कानून व्यवस्ता के मुद्दे पर बातचीत की।
उल्लेखनीय है कि हरियाणा में पिछले कुछ दिनों से बच्चियों के साथ हवस के दरिंदें हैवानियत की सारी हदें पार कर रहे हैं। जींद में नाबालिगा के साथ निर्भया जैसी दरिंदगी अौर पानीपत में बच्ची के शव के साथ घिनौनी हरकत की गई। वहीं फरीदाबाद में घर लौट रही लड़की को सरेआम उठाकर उसके साथ 2 घंटे तक रेप किया जाता है अौर उसी दिन दो अौर लड़कियों से रेप किया जाता है। इस तरह आए दिन रेप की  घटनाअों ने राज्य में कानूनी व्यवस्था की पोल खोल दी है।
प्रशासन नपुंसक बना बाहुबलियों के आगे
महिलाओं ने मुख्यमंत्री को भेजी चूडिय़ां, रेप की घटनाओं से समाज आहत

 

 


हरियाणा में महिलाओं के प्रति लगातार बढ़ते हुए अपराध को लेकर फरीदाबाद के सेक्टर 12 स्थित लघु सचिवालय में महिला कांग्रेस विंग की महिलाओं ने सरकार के प्रति रोष प्रदर्शन किया। इस मौके पर बल्लभगढ़ की पूर्व विधायक शारदा राठौर एवं उनके साथ सैकड़ों की तादाद में महिलाएं मौजूद थी। महिलाओं ने हरियाणा सरकार के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को डीसी के माध्यम से ही चूडिय़ां भेजी हैं।
हरियाणा में लगातार महिलाओं के प्रति बढ़ते अपहरण और बलात्कार के मामलों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना है कि, जिन महिलाओं को लुभावने वादे कर खट्टर सरकार ने वोट बटोरे उन्हें महिलाओं की सुरक्षा करने में भी हरियाणा सरकार नाकारा साबित हुई है। प्रदेश में घट रही रेप जैसी भयानक घटनाओं से समाज आहत है, जिस कारण महिलाओंं ने मुख्यमंत्री को चूडिय़ां भेज कर अपना रोष प्रकट

हरियाणा: लोक गायिका ममता शर्मा की गला रेतकर हत्या, खेत में मिला शव*

हरियाणा में लोकगायिका ममता शर्मा की लाश बरामद होने से सनसनी फैल रही है। वह पिछले 4 दिनों से लापता थी जिसकी शिकायत उनके बेटे ने पुलिस में दर्ज कराई थी। उनका शव रोहतक जिले के गांव बलियानी में मिला है। सीएम मनोहर लाल खट्टर भी इसी गांव के है।
गुरुवार की दोपहर पुलिस को सूचना मिली कि गांव के एक खेत में महिला का शव मिला है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर जा पहुंची। शव की शिनाख्त हरियाणा की लोकप्रिय गायिका ममता शर्मा के रूप में हुई। जांच में पता चला कि ममता की गला रेतकर हत्या करने के बाद उनका शव खेत में फेंक दिया गया।
ममता शर्मा कलानौर की रहने वाली थी। वह बीती 14 जनवरी को कलानौर से किसी कार्यक्रम के लिए गई थी। इसके बाद 16 जनवरी को ममता के बेटे ने कलानौर थाने में उसकी गुमशुदगी का मामला दर्ज
*सोनीपत में संदिग्ध अवस्था मे मिला छात्रा का शव,मामले की जांच जारी*सोनीपत के राई स्पोट्र्स स्कूल में संदिग्ध परिस्थितियों में छात्रा का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतका का नाम आशु है जो गांव मटिण्डू की रहने वाली है और 11वीं की छात्रा बताई जा रही है। जिस हालत में शव पड़ा था, उससे मौत का कारण अभी पता नहीं लग पाया है लेकिन छात्रा के गले पर एक निशान जरूर देखने को मिला है।
छात्रा के शव की सूचना पुलिस को दी गई, सूचना मिलते ही पुलिस ने शव को नागरिक अस्पताल के मोर्चरी हाऊस में रखवा दिया है। वहीं सूचना पाकर सोनीपत के सोनीपत एसडीएम जितेंद्र और स्कूल प्रसाशन भी नागरिक अस्पताल पहुंचे।  यह मामला मोतीलाल नेहरू स्पोट्र्स स्कूल का है, फिलहाल पुलिस के अनुसार मामले की जांच जारी है।
*हरियाणा फिर शर्मसार,निशब्द हैं जनाब अब तो……खबर देते हुए ही शर्म महसूस हो रही है…हरियाणा की खटारा सरकार के राज में ये क्या हो रहा है?*
गुरुग्राम में बीए सेकंड की छात्रा को अगवा कर फरुखनगर नज़दीक चलती कार में गैंगरेप।
आरोपियों ने पहले युवती के कपड़े नही देने चाहे किन्तु युवती द्वारा तरले मारकर कपड़े वापिस लिए।
जांच ज़ारी।
आरोपी फ़रार।

 

: फिर सुर्खियों में आई पंजाब पुलिस,महिला ने लगाए शारीरिक शोषण के गंभीर आरोप
हिमाचल की रहने वाली एक महिला ने पंजाब पुलिस के मुलाजिम पर उसके साथ झूठा विवाह करने के आरोप लगाऐ हैं। पीड़िता मुताबिक हवलदार गुलशन मोहम्मद ने पांच साल पहले उसको गुमराह कर पहले उसका धर्म परिवर्तन करवाया और फिर उसका शारीरिक शोषण किया।
वहीं दूसरी तरफ मुलाजिम गुलशन ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि उसने इस महिला का बेटा कानूनी तौर पर गोद लिया था,पर यह महिला उनको ब्लैकमेल करने लग पड़ी। एस.एस.पी का कहना है कि यह मामला चंडीगढ़ उच्च आधिकारियों को सौंप दिया गया है,जांच के दौरान जो तथ्य सामने आऐंगे,उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

दलालोँ से मिलेगी मुक्ति
पंजाब अबोहर  प्राइवेट बिल्डिंगों व गली-मोहल्लों में आधार कार्ड बनाने के नाम पर आम लोगों की जेब ढीली करने वाले दलालों से अब जनता को राहत मिलेगी।
सरकार के प्रयास से सरकारी कार्यालयों में जहां लोगों के फ्री आधार कार्ड बनेंगे, वहीं पहले बने आधार कार्डों में संशोधन करवाना भी आसान होगा। उधर हैरानीजनक पहलू यह है कि अभी तक संबंधित विभागों के अधिकारियों को यह तक पता नहीं है कि आधार कार्ड बनाने के लिए मशीनें किन कार्यालयों में लगेंगी और इनकी संख्या कितनी होगी तथा मौजूदा समय में शहरभर में कितने स्थानों पर ऐसी मशीनें काम कर रही हैं।
इस संदर्भ में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कंट्रोलर द्वारा यह प्रक्रिया तेजी से शुरू किए जाने के दावे किए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक आधार कार्ड सेवा के तहत नगर निगम कार्यालय जोन-ए व जोन-डी को सैंटर बनाने की तैयारियां शुरू की गई हैं, ताकि लोग आसानी से अपना आधार कार्ड बनवा सकें।
चुनाव जीतने के लिए भाजपा का दैवीय आशीर्वाद लेने का नया
भाजपा के एक सांसद महायज्ञ का आयोजन कर ‘दैवीय आशीर्वाद’ प्राप्त कर चुनाव जीतने का नया ढंग अपना रहे हैं। यह महायज्ञ  मार्च  में लाल  किले के करीब किसी स्थान पर आयोजित किया जाएगा। इसकी योजना उस समय तैयार की जा रही है जब भाजपा को राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश में अपनी सत्ता को बरकरार रखने के लिए चुनाव लड़ना होगा।
भाजपा कर्नाटक में कांग्रेस से सत्ता छीनने की भी कोशिश कर रही है। इन सभी चारों राज्यों में विधानसभा के चुनाव इस वर्ष होने हैं।
*स्कूल से लौटा बेटा बाहर से दरवाजा खटखटाता रहा और माँ भीतर जल रही थी…???*
*सहारनपुर। स्कूल से लौटा बेटा घर में प्रवेश करने के लिए बाहर खड़ा होकर दरवाजा खटखटाता रहा, लेकिन मां घर का दरवाजा बंद कर कुछ ऐसा करती, जिसे देखकर हर कोई दंग रह गया।*

सहारनपुर जनपद के नानौता कस्बे के मोहल्ला शेखजादगान निवासी शिक्षक हरीशचंद्र अपनी पत्नी बुधवार की दोपहर करीब ढाई बजे घर में अकेली थी। हरीश व उसके बच्चे बाहर गए हुए थे। कालोनीवासियों के अनुसार हरीश के बेटे कुलदीप ने घर पहुंचकर काफी देर तक दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, परंतु अंदर से अपनी मां के चिल्लाने की आवाज सुनकर उसने कालोनी के लोगों की मदद मांगी।

कुछ देर बाद महिला ने स्वयं ही दरवाजा खोल दिया। दरवाजा खुलने के बाद क्षेत्रवासी हैरान रह गए, क्योंकि हरीश की पत्नी आग से झुलसी हुई थी। कालोनी के लोगों ने बमुश्किल आग पर काबू पाया और गंभीर हालत में महिला को सहारनपुर अस्पताल भिजवाया।

बताया जा रहा है कि उक्त परिवार शाहजहांपुर का रहने वाला है और कुछ समय पूर्व से ही यहां रहता है। यह भी बताया गया है कि महिला की दिमागी हालत ठीक नहीं थी।
*हाय रे सिस्टम ! हाय रे गरीबी !, एक हाथ में बच्ची और ठेले पर पति का शव..???*

*रायपुर। मुफलिसी और सिस्टम ने एक महिला को इस कदर मजबूर कर दिया कि, उसे अपने पति का शव ठेले पर ढोना पड़ा। मामला राज्य के किसी अंदरूनी इलाके का नहीं बल्कि राजधानी का है। एम्स हॉस्पिटल में एक मजदूर की मौत के बाद एंबुलेंस नहीं मिली, जिसके बाद उसकी पत्नी को शव ठेले पर लेकर जाना पड़ा।*

*ठेले पर पति का शव लेकर जाती पत्नी।*

मृतक राजधानी के ही एक कारखाने में काम करता था। बताया जा रहा है कि मृतक संजय शर्मा के दोनों फेफड़े फेल हो चुके थे। समाज से चंदा इकठ्ठा कर किसी तरह उसकी पत्नी ने उसे इलाज के लिए एम्स में भर्ती कराया। इलाज के बावजूद उसकी हालत ना सुधरी और बुधवार देर रात आखिरकार संजय जिंदगी की जंग हार गया।

*ठेले पर शव ले जाती पत्नी.!*

सिस्टम की हालत ये कि मृत पति को ले जाने के लिए मधु शर्मा को एम्बुलेंस नहीं मिली। आखिरकार अपनी 4 साल की छोटी बच्ची को लेकर पति के शव के ठेले पर रखवाकर वह बिलखते हुए उस फैक्ट्री के पास पहुंची, जहां उसका पति काम करता था।

दिखी सिस्टम की बर्बरता
यहां महिला पर सिस्टम और भी बर्बर नजर आया। फैक्ट्री के सामने शव रखने पर पुलिस अधिकारी ने मृतक की पत्नी को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि ‘मुआवजा चाहिए तो लेबर कोर्ट जाइए या शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाइए। यहां शव रख कर तमाशा मत ना बनाएं।’

*फैक्ट्री मालिक ने किया मदद से इनकार…!*

मृतक की पत्नी मधु शर्मा ने बताया कि ‘मैं और मेरे पति दोनों अनाथ थे । 5 साल पहले शादी की थी। हीरापुर में पत्थर से पाऊडर बनाने वाली एक फैक्ट्री ( पवन पुत्र एलाइज कंपनी) में काम करने की वजह से उनके दोनों फेफड़े खराब हो गए फैक्ट्री मालिक ने भी मदद से इनकार कर दिया। मदद के लिए जोर देने पर पुलिस में शिकायत करने की धमकी भी दे डाली।

राज्य के अंदरूनी इलाकों में मरीजों को कंधे पर लाद कर लेकर जाने की खबरें मिलती रही हैं, मगर राजधानी से आई इस तस्वीर ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर प्रश्न चिह्न लगा दिया है। कांग्रेस ने भी इस वाकये को लेकर रमन सरकार पर जमकर निशाना साधा है।

गौरतलब है कि राजधानी रायपुर में संचालित कई फैक्ट्रियों में श्रम नियमों का पालन नहीं हो रहा है। इसी वजह से कंपनी में काम करने वाले मजदूरों की लगातार मौत होने की खबरें आती रहती हैं।
*?जीएसटी पर मिली और राहत, 68 चीजें हुई ?सस्ती-रियल इस्टेट पर नहीं हुआ ?फैसला*

बजट से ठीक पहले हुई जीएसटी परिषद की बैठक में आम आदमी को राहत मिली है। जीएसटी परिषद ने बैठक में 29 चीजों पर जीएसटी को घटाकर 0 फीसदी कर दिया है। जिन उत्पादों पर जीएसटी कम किया गया है, उनमें ज्यादा हैंडीक्राफ्ट के उत्पाद शामिल हैं।

इसके साथ ही परिषद ने 39 चीजों पर जीएसटी कम करके 5 फीसदी व 12 फीसदी कर दिया है। हालांकि फिलहाल जीएसटी रिटर्न भरने के लिए फॉर्म का सरलीकरण करने को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है। इसके बारे में 10 दिन बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से फिर से बैठक होगी।

दरअसल कारोबारी लंबे समय से यह मांग कर रहे थे कि जीएसटीआर रिटर्न भरना आसान किया जाए। इसके लिए ऐसी उम्मीद जताई जा रही थी कि सरकार जीएसटीआर-1, जीएसटीआर-2 जैसे कई फॉर्म भरने से निजात दिला सकती है। कई फॉर्म्स की जगह एक ही फॉर्म लाने का फैसला भी इस मीटिंग में ले सकती है, लेक‍िन ऐसा हुआ नहीं।

हालांकि फिलहाल जीएसटी रिटर्न भरने के लिए फॉर्म का सरलीकरण करने को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है। इसके बारे में 10 दिन बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से फिर से बैठक होगी। इसके अलावा रियल इस्टेट को जीएसटी के तहत लाने पर भी कोई फैसला इस बैठक में नहीं हो सका। हालांकि इस पर चर्चा जरूर हुई है।

रियट इस्टेट के अलावा यह भी उम्मीद जताई जा रही थी कि इस मीटिंग में पेट्रोल और डीजल को भी जीएसटी के दायरे में लाया जा सकता है। हालांकि इस पर भी फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया गया है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पेट्रोल की कीमत फिर 80 रुपये के करीब पहुंच गई है। वहीं, कई राज्यों में डीजल 65 का आंकड़ा पार कर चुका

*आपत्तिजनक हालत में रंगे हाथों पकड़े गए 3 महिलाएं व 6 पुरुष..????
*लुधियाना : जोधेवाल पुलिस ने सुभाष नगर इलाके के एक घर में छापामारी करके जिस्म फिरोशी का एक अड्डा पकड़ा है। जिसमें अड्डे की संचालिका सहित 3 महिलाएं व 6 पुरुषों को आपत्तिजनक हालत में पकड़ा गया है। इनके खिलाफ इमोरल ट्रैफिकिंग एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।*

पुलिस ने बताया कि इस संबंध में सूचना मिली थी कि एक महिला बाहर से युवतियां बुलाकर अपने घर में जिस्मफरोशी का अड्डा चलाती है। जिस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए छापामारी की गई। जहां से सुभाष नगर के शिशु पाल सिंह, कुलदीप नगर के मोहम्मद अली, गांव ढोहलनवाल के गुरदयाल सिंह, मत्तेवाड़ा के सुशील कुमार, सुच्चा सिंह, जतिंदर सिंह व महिलाओं को आपत्तिजनक अवस्था में रंगे हाथ काबू किया गया। मौके से 25 पीस कंडोम व 4 मोबाइल फोन भी मिले। जिन्हें कब्जे में ले लिया गया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही
लावारिस घूम रहे गोवंश की समस्या का नहीं हो रहा समाधान
आम सड़कों बाजार सहित आबादी क्षेत्र में लावारिस घूम रहे खतरनाक सांड
समस्या से निजात दिलाने के लिए जिम्मेदार प्रशासन बेफिक्र।

n s p पशु पालको के लिए नाकारा साबित हो चूका गौवंश अब मंडी वासियो के लिए बड़ी समस्या बनता जा रहा है। बाजार एवं आबादी क्षेत्र की शायद ही कोई ऐसी सड़क या गली नही बची जिनमे झुड़ो में लावारिस गोवंश घूमता दिखाई ना दे।
बूख प्यास के चक्कर में आतंकि हो चुके ये आवारा पशु लोगो को आये दिन घायल करते जा रहे है। लेकिन इन पर अंकुश लगाने वाला स्थानीय प्रशासन हाथ पर हाथ रख कर तमाशबीन बनकर रह गया है। उन्हें जनता की सुरक्षा का जरा सा भी फिक्र नहीं है जिसके चलते लावारिश पशुओं की शहर में दिन दूनी रात चौगुनी बढोत्तरी हो रही है। नगरपालिका की ओर से मंडी वासियो के विरोध को देखते हुए पूर्ववर्ती वर्षों में लावारिस भटकते पशुओं को स्थानीय गौशाला में रखने का प्रबंध किया था। लेकिन अबकि बार ठण्ड में दर दर भटक रहे भूखे प्यासे बेजुबानों के लिए ना तो कोई गौप्रेमी सामने आ रहा है और ना ही जनप्रतिनिधि इस समस्या को लेकर चुप्पी तोड़ने का नाम ले रहे है। जिसका स्थानीय प्रशासन फायदा उठाकर इस पचड़े से साफ निकल रहा है।
शाम के समय लगता है धान मंडी पशुओं के झुण्ड
कसबे की गलियो में भटकने के बाद धानमंडी प्रांगण में दोपहर बाद बड़ी संख्या में इनका जमावड़ा लग जाता है। जिससे किसानों के साथ साथ दुकानदारो के लिए भी मुसीबते पैदा हो जाती है। बड़े बड़े सींगो वाले सांड आपस में जोरआजमाइश करते हुए दुकानो के बाहर पड़ा सामान मोटर साइकिल ,साइकलों अन्य वाहनों को क्षतिग्रस्त तो करते ही है। वही इनकी आपसी लड़ाई में कई लोग अपनी जान गवा चुके है। इनके डर से लोगो में दहशत का माहौल बन गया है। बुजुर्गो,महिलाओ,बच्चो का घरो से बाहर निकलना मुश्किल गया है।
कैसे लग सकता है इन पर अंकुश
पूर्व पार्षद जसपाल सिंह बराड़ ने बताया कि जितने भी लावारिश पशु मंडी क्षेत्र में घूम रहे है। उन्हें बाहर के पशु पालक रात्रि के समय ट्रक्टर ट्रालिओ में भर कर छोड़ कर चले जाते है। नाकारा साबित हो चुके इन पशुओं के लिए हर पंचायत स्तर पर सरकार को गौशालाओ की व्यवस्था करनी होगी ताकि गाँवो के पशु गांवो की गौशालाओ में ही रहे। इसके बाद भी कोई पालिका क्षेत्र में पशुओं को छोड़ कर जाता है उनके खिलाफ प्रशासन पुलिस के सहयोग सख्त कानून कार्यवाही हो।
क्या कहना है इनका।
नगर पालिका द्वारा स्थानीय गौशाला समिति को पत्र लिखकर मंडी में घूम रहे लावारिश गौवंश को लेने के आदेश दे दिए है। लेकिन गौशाला में शैडो का निर्माण कार्य चल रहा है जल्द दी सभी पशुओं को नगर पालिका द्वारा पकड़ कर गौशाला भेजने की व्यवस्था की जायेगी।
नरेश
लावारिश गौवंश एक बहुत बड़ी समस्या है मंडी के लिए। इसके लिए जान सहयोग की अति आवश्यकता है।
कालू राम बाजीगर
पालिका अध्यक्ष।
जितनी संख्या में पशु मंडी में घूम रहे है उन्हें रखने के लिए हमारे पास शैडो की व्यवस्था नहीं है। शैडो का निर्माण कार्य चल रहा है। कार्य पूर्ण होने के बाद व्यवस्था हो पाएगी।
गौशाला  अध्यक्ष चौहान की कसरत बेअर हो सकती है*
*सीकर:* विधानसभा चुनाव का बिगुल बजने से पहले ही सियासी अखाङे में उतरने को लेकर कई पहलवानों ने लंगर-लगोटें कसने शुरु कर दिये है.राजनीतिक जागृति रखने वाला सूबे के प्रमुख जिले सीकर में आठ विधानसभा सीटें है,इन पर कसरत निकालने को लेकर कांग्रेस-भाजपा और माकपा से प्रत्याशी प्रमुख रहते है.फिर भी एकाध उम्मीदवार ऐसा दंगल में उतर आता है जो अपनी अहमियत से परिणाम को बदल देता है.वर्ष-2013 के चुनाव में सीकर विधानसभा सीट से ऐसे ही एक शख्स वाहिद चौहान थे,जिनके ताल ठोक ने से तत्कालीन गहलोत सरकार में वरिष्ठ मंत्री रहे राजेन्द्र पारीक को हार का मुंह देखना पङा था. इस चुनाव की फिजा में राकांपा से उम्मीदवार बनकर आये वाहिद चौहान ने “अभी नहीं तो कभी नहीं”वाली उम्मीद मुस्लिम मतदाताओं में जगा दी थी.साथ ही बहुसंख्यक मतदाताओं के एक बङे हिस्से को भी कांग्रेस के पारीक को हराने का मौका नजर आया.नतीजा वैसा ही निकला जैसे समीकरण बने.इससे कांग्रेस को बढा धक्का लगा और भाजपा को बैठे बैठाये फतेह मिल गई.वाहिद चौहान भले ही जीते न हो पर उनका छुपा हुआ एजेंडा पास हो गया और पारीक विरोधी लोगों की मंशा भी फलीभूत हो गई.

सीकर में महिला शिक्षा की अलख जगाने के मामले में वाहिद चौहान का नाम आदर से लिया जाता रहा है.समाजसेवा के वे जरुर “सर”है पर सियासत की डगर उनके लिए आसान नहीं है.एक कांग्रेसी नेता के अनुसार “कांठ की हांडी एक बार ही चढती है न कि बार-बार.”दरअसल इन दिनों सियासी गलियारों में स्वयं वाहिद चौहान और उनके समर्थकों ने फिर से चुनाव लडने की तान लगाकर कांग्रेस की टिकट जुगाङने के शगूफे छेङ रखे है.मानो कांग्रेस”नाथी का बाङा” हो जिसमे जब कोई आये और चला जाये. राकांपा से हारकर वाहिद भाई लगे हाथ भाजपा में शरीक हो गये और अब भी कमल का फूल को थामे है.हां उनसे इत्तफाक रखने वाले जरुर रसूखों की दुहाई देकर वाहिद चौहान के जल्द कांग्रेस में शरीक होने की बात कर रहे है.
दूसरी ओर खुद वाहिद चौहान हर सूरत में चुनाव लङने की मंशा जाहिर कर रहे है.चुनाचें किसी दल से टिकट मयस्सर हो या न हो.बस उनको तो पिछली हार की कस निकालनी है.बहरहाल चौहान के इरादें जो कुछ भी हो परन्तु वातावरण वैसा नहीं जैसा उनके पहले चुनाव में था.क्योंकि पराजित होने के बाद उन्होंने मतदाताओं का विश्वास खो दिया,जिन्होंने सभी हदें तोङकर समर्थन किया.अब तो अल्पसंख्यकों को भी सोचना होगा कि उनकी सियासी ताकत का अहसास नकारात्मक नहीं बल्कि सही दिशा में हो ताकि विकास की मुख्यधारा का लाभ ले सके.वरना वोटों की बङी ताकत होने के बावजूद सीकर के मुस्लिम भावुक फैसले कर दर्द लेते है.कुल मिलाकर अब की बार”सर”की सियासी डगर उतनी आसान नहीं जितनी की स्वयं और  समझ रहे है.
सरकार को तभी कानून बनाना पड़ता है, जब सामजिक बंधन ढीले पड़ जाते हैं। कानूनी डंडे से सजा का भय दिखाया जाता है। इधर ऐसे कई कानून बने हैं जिनका उद्देश्य परिवार में सुख-चैन लाना है। ऐसा सोचा गया कि घरेलू हिंसा निषेधात्मक कानून बनने पर घरेलू हिंसा समप्त होगी? पर सच तो यह है कि इन कानूनों से सामजिक समस्याएं कम नहीं होतीं। फिर भी कानून बनने आवश्यक हैं। पारिवारिक परेशानियों के लिए कितनी बार कोई कचहरी जाए। कोर्ट का काम परिवार चलाना नहीं है। हर परिवार में पुलिस भी नहीं बैठाई जा सकती। कानून का डंडा भय उत्पन्न करने के लिए है।
भारत की प्रथम महिला आईपीएस अधिकारी किरण बेदी मानती हैं कि महिलाएँ ही महिलाओं पर अत्याचार का पहला कारण होती हैं ,यदि महिलाएँ तय कर लें कि जिस घर में महिलाएँ हैं वहां महिलाओं पर अत्याचार नहीं होगा, तो सब कुछ बदल सकता है। उनका मानना है कि समाज में महिला की स्थिति बदल रही है और आगे भी बदलेगी, लेकिन पाँच हजार साल की मानसिकता बदलने में वक्त लगेगा। हमें घरेलू हिंसा के ग्राफ में बढ़ोतरी दिख रही है, अभी तो महिलाओं पर अत्याचार के मामले और बढ़ते हुए दिखेंगे, लेकिन इसका कारण यह है कि महिलाओं में जागरुकता आ रही है और ज़्यादा महिलाएँ शिकायत करने पहुँच रही हैं। लेकिन शिकायत दर्ज करवाने के बाद भी सजा मिलने की दर बहुत कम है और सिर्फ सौ में से दो लोगों को सजा मिल पाती है।
सेंटर फॉर सोशल रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार तीन साल प्रताडि़त होने के बाद एक हजार में से एक महिला ही शिकायत दर्ज करवाने पहुँचती है।
भारत में घरेलू हिंसा के खिलाफ कानून अमल में आ गया है जिसमें महिलाओं को दुर्व्यवहार से सुरक्षा प्रदान करने का प्रावधान है। यह कानून महिलाओं को घरेलू हिंसा से बचाएगा क्योंकि केवल भारत में ही लगभग 70 प्रतिशत महिलाएँ किसी न किसी रूप में इसकी शिकार हैं।
घरेलू हिंसा विरोधी कानून से बड़ी उम्मीदें हैं। इसके तहत पत्नी या फिर बिना विवाह किसी पुरुष के साथ रह रही महिला मारपीट, यौन शोषण, आर्थिक शोषण या फिर अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल की परिस्थिति में कार्रवाई कर सकेगी।
अब बात-बात पर महिलाओं पर अपना गुस्सा उतारने वाले पुरुष घरेलू हिंसा कानून के फंदे में फंस सकते हैं।
इतना ही नहीं, लडक़ा न पैदा होने के लिए महिला को ताने देना,
उसकी मर्जी के बिना उससे शारीरिक संबंध बनाना या
लडक़ी के न चाहने के बावजूद उसे शादी के लिए बाध्य करने वाले पुरुष भी इस कानून के दायरे में आ जाएंगे।
इसके तहत दहेज की मांग की परिस्थिति में महिला या उसके रिश्तेदार भी कार्रवाई कर पाएँगे।
महवपूर्ण है कि इस कानून के तहत मारपीट के अलावा यौन दुर्व्यवहार और अश्लील चित्रों, फिल्मों कोञ् देखने पर मजबूर करना या फिर गाली देना या अपमान करना शामिल है।
पत्नी को नौकरी छोडऩे पर मजबूर करना या फिर नौकरी करने से रोकना भी इस कानून के दायरे में आता है।
इसके अंतर्गत पत्नी को पति के मकान या फ्लैट में रहने का हक होगा भले ही ये मकान या फ्लैट उनके नाम पर हो या नहीं।
इस कानून का उल्लंघन होने की स्थिति में जेल के साथ-साथ जुर्माना भी हो सकता है।
लोगों में आम धारणा है कि मामला अदालत में जाने के बाद महीनों लटका रहता है, लेकिन अब नए कानून में मामला निपटाने की समय सीमा तय कर दी गई है। अब मामले का फैसला मैजिस्ट्रेट को साठ दिन के भीतर करना होगा।
दहेज पर कानून
दहेज प्रतिशोध अधिनियम,1961
शादी से संबंधित जो भी उपहार दबाव या जबरदस्ती के कारण दूल्हे या दुल्हन को दिये जाते हैं, उसे दहेज कहते है। उपहार जो मांग कर लिया गया हो उसे भी दहेज कहते हैं।
-दहेज लेना या देना या लेने देने में सहायता करना अपराध है। शादी हुई हो या नहीं इससे फर्क नहीं पड़ता है। इसकी सजा है पाँच साल तक की कैद, पन्द्रह हजार रूञ्.जुर्माना या अगर दहेज की रकम पन्द्रह हजार रूञ्पये से ज्यादा हो तो उस रकम के बराबर जुर्माना।
– दहेज मांगना अपराध है और इसकी सजा है कम से कम छःमहीनों की कैद या जुर्माना।
-दहेज का विज्ञापन देना भी एक अपराध है और इसकी सजा है कम से कम छः महीनों की कैद या पन्द्रह हजार रूञ्पये तक का जुर्माना।
[1/19, 12:14] Dharmveer Sharma Chandigarh: लोकसभा के साथ हो सकते हैं 14 राज्यों के चुनाव,  देश को होगा फायदा
देश में अगले लोकसभा चुनाव के साथ-साथ राज्यों के विधानसभा चुनाव करवाने की तैयारी की जा रही है। केंद्र सरकार बजट सत्र में इसको लेकर एक बिल संसद में ला सकती है। इस संबंध में नीति आयोग भी अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप चुका है जिसमें राज्यों के चुनाव 2 चरणों में लोकसभा चुनाव के साथ करवाने की सिफारिश की गई है। चुनाव आयोग ने भी कहा कि इस साल सितम्बर के बाद किसी भी वक्त वह राज्यों के विधानसभा चुनाव लोकसभा चुनाव के साथ करवाने के लिए तैयार है। यदि यह बिल पास हो गया तो आने वाले लोकसभा चुनाव के साथ कम से कम 14 राज्यों के विधानसभा चुनाव भी हो जाएंगे। ‘ हैसरकार इस योजना पर काम क्यों कर रही है और इसका देश को क्या फायदा होगा।

क्या फायदे होंगे?
-लगातार चुनाव के कारण रुकने वाले विकास के कार्य नहीं रुकेंगे।
-बार-बार चुनाव पर होने वाला भारी-भरकम खर्च बचेगा।
-सुरक्षा बलों की तैनाती पर होने वाले खर्च में कमी होगी।
-चुनावी भ्रष्टाचार रुकेगा।
क्यों हो रहा है एक साथ चुनाव का फैसला?
-2014 के चुनाव में 3870 करोड़ रुपए खर्च हुए थे, यह खर्च अगले चुनाव में 5000 करोड़ के पार जा सकता है।
-विधानसभाओं के चुनाव हर छठे महीने होते हैं, इस फैसले के बाद चुनाव 30 महीने बाद होंगे।

1967 तक एक साथ होते थे चुनाव 
1951 में पहले लोकसभा चुनाव के साथ 22 राज्यों के विधानसभा चुनाव हुए थे और ये सिलसिला 1967 तक जारी रहा, लेकिन धीरे-धीरे लोकसभा की अवधि कम होने और कई राज्यों में सरकारों को बर्खास्त किए जाने या राष्ट्रपति शासन लागू होने और नए राज्यों के गठन के साथ ही विभिन्न राज्यों में चुनाव का समय बदलता गया जिस कारण आए साल देश के किसी न किसी राज्य में विधानसभा चुनाव होते हैं और केंद्र सरकार के अलावा चुनाव आयोग की पूरी मशीनरी हर साल चुनावी मोड में ही रहती है जिससे चुनाव वाले राज्यों में प्रशासनिक अधिकारी भी जनता के पूरे काम नहीं कर पाते। चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण विकास कार्यों पर भी प्रभाव पड़ता है।
संशोधित करनी पड़ सकती हैं संविधान की ये धाराएं
देश में लोकसभा चुनाव के साथ राज्यों के चुनाव करवाने के लिए कुछ कानूनी और संवैधानिक बदलाव करने की जरूरत पड़ेगी तथा ये बदलाव संसद द्वारा संविधान संशोधन के जरिए ही किए जा सकते हैं। संविधान की धारा 83 संसद (लोकसभा और राज्यसभा) की अवधि को परिभाषित करती है और इस धारा के तहत लोकसभा की अवधि 5 वर्ष निर्धारित की गई है। इसी प्रकार संविधान की धारा 172 (1) राज्यों के लिए 5 साल की अवधि का निर्धारण करती है। इसका मतलब है कि राज्यों की सरकारों की अवधि संविधान के मुताबिक नहीं बढ़ाई जा सकती जबकि एक साथ चुनाव करवाने के लिए राज्य विधानसभाओं की अवधि बढ़ानी पड़ सकती है।
संविधान की धारा 85 (20) (बी) देश के राष्ट्रपति को लोकसभा भंग करने की शक्ति प्रदान करती है। इसी तरह संविधान की धारा 174 (2) (बी) राज्यों के गवर्नर को राज्य विधानसभा भंग करने की शक्ति प्रदान करती है। यदि राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा हो तो यह शक्ति धारा 356 के तहत भी दी गई है लेकिन संविधान में कहीं भी आपातकाल को छोड़कर राज्य विधानसभाओं की अवधि बढ़ाने का प्रावधान नहीं है। इसके अलावा संविधान की धारा 324 चुनाव आयोग को देश में संवैधानिक प्रावधानों के तहत चुनाव करवाने की शक्तियां प्रदान करती है। ये चुनाव रिप्रैजैंटेशन ऑफ पीपल एक्ट 1951 के तहत करवाए जाते हैं। संविधान के मुताबिक चुनाव आयोग के पास लोकसभा और राज्यों के विधानसभा चुनाव की घोषणा 6 महीने पहले करवाने का अधिकार है।

12 महीने लगी रहेगी चुनाव आचार संहिता
यदि राज्यों के विधानसभा चुनाव लोकसभा चुनावों के साथ नहीं होते हैं तो देश के अलग-अलग राज्यों में चुनावी कारणों के चलते आचार संहिता लागू हो जाती है। सामान्य तौर पर चुनाव की घोषणा से लेकर अगली सरकार के गठन तक यह संहिता लागू रहती है और ऐसी स्थिति में राज्यों में केंद्र की योजनाएं तथा एम.पी. लैड फंड से होने वाला काम भी रुक जाता है। जनवरी, 2018 से लेकर दिसम्बर, 2019 के 24 महीनों में 16 राज्यों में विधानसभा के चुनाव लंबित हैं। इन राज्यों में कुल मिलाकर 6 बार आचार संहिता लगेगी जिससे करीब 12 महीने तक का काम ठप्प हो जाएगा। पिछली बार मार्च, 2014 से लेकर दिसम्बर, 2016 तक भी ऐसा ही हुआ था। 2014 में 7 महीने तक चुनाव आचार संहिता लागू रही थी जबकि 2015 में 3 महीने और 2016 में 2 महीने आचार संहिता लागू रही। ऐसी स्थिति में इन राज्यों में चुनाव आचार संहिता लागू रही तो एम.पी. लैड से होने वाला काम रुकने के अलावा सरकारी मशीनरी भी ठप्प होकर रह जाएगी जिसका जनता को नुक्सान होता है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के खाते से निकाले 3.15 करोड़, मचा हड़कंप
सहारनपुर: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के खाते से 3.15 करोड़ रुपए निकालने का मामला प्रकाश में आया है। करोड़ों रुपए का यह भुगतान इंडुसिंड बैंक सहारनपुर व मुजफ्फरनगर से किया गया है। बैंक की तरफ से जारी चैक बुक के 4 चैक का क्लोन बनाकर रुपए निकाले जाने का पता चला तो हड़कंप मच गया।
मिली जानकारी के अनुसार, सिटी मैजिस्ट्रेट राजेश कुमार ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण देहरादून के संचालित इंडुसिंड बैंक का खाता सहारनपुर व मुजफ्फरनगर में है। मुजफ्फरनगर में खुले खाते का नंबर 201001534222 यह है, जबकि सहारनपुर इंडुसिंड बैंक में खुले खाते का नंबर 2011001365291 है। इन दोनों ही खातों की पिछले साल सितम्बर में 2 चैक बुक्स जारी हुई हैं। दोनों चैक बुक्स उनके पास दफ्तर में हैं। सिटी मैजिस्ट्रेट ने बताया कि मुजफ्फरनगर के बैंक में खुले खाते की जारी हुई चैक बुक के चैक संख्या 410488 से 5 दिसम्बर को बैंक की सहारनपुर ब्रांच से 65,87,538 लाख रुपए निकाल लिए गए।
इसी तरह 7 दिसम्बर को चैक संख्या 410514 से 48,68,724 लाख रुपए, 14 दिसम्बर को चैक संख्या 410511 से 3 लाख रुपए और 20 दिसम्बर को चैक संख्या 410514 से 1,20,65,348 रुपए निकाल लिए गए। कुछ रुपए मुजफ्फरनगर तो कुछ सहारनपुर के बसंत विहार स्थित इंडुसिंड बैंक से निकाले गए। सिटी मैजिस्ट्रेट ने यह भी बताया कि सभी चैक्स पर उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे।
उनके द्वारा धोखाधड़ी कर करोड़ों रुपए निकालने वालों में बैंक मैनेजर व कर्मचारी, एन.एच.ए.आई. के अधिकारी व कर्मचारी, एस.एल.ओ. विभाग के कर्मचारी व जिन खातों में रुपए ट्रांसफर हुए, उनके खाता धारक दिव्यांग गांधी, पारस जैन तथा संजय सिंह को नामजद कर कोतवाली सदर बाजार में तहरीर दे दी गई है।

 

 

 

 

 

 

 

 

Ashok Shrivastav

State Head Uttar Pradesh

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