काँग्रेस ने दिखाया भाजपा को आईना, देश को गुमराह न करे भाजपा – डॉ चरणदास महंत

  • 1.3K
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
    1.3K
    Shares

अम्बिकापुर में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के द्वारा काँग्रेस के ऊपर लगाए गए आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ काँग्रेस कमेटी के चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ चरणदास महंत ने कहा कि देश की आजादी के बाद इन सत्तर सालों में हमारा भारत देश अगर विश्व में एक शक्ति के रूप में स्थापित हुआ है तो इसके पीछे काँग्रेस पार्टी की अहम भूमिका रही है लेकिन 2014 के बाद देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ना केवल देश में बल्कि विदेशों में जा कर भी लोगों को अपनी गलत बयानबाजी से गुमराह कर रहे हैं और देश का नाम विदेशी जमीन पर खराब कर रहे हैं।
डॉ चरणदास महंत ने कहा कि अमित शाह काँग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राहुल गांधी से उनकी चार पीढ़ियों का हिसाब मांग रहे हैं तो उन्हें पता होना चाहिए कि गांधी परिवार ने भारत के लिए क्या बलिदान दिया है, पंडित जवाहर लाल नेहरू जी, इंदिरा गाँधी जी, राजीव गाँधी जी सभी ने भारत के लिए अपना अविस्मरणीय योगदान दिया है, श्रीमती सोनिया गाँधी जी ने भी इस देश के लिए अपना सुहाग खोया है, राहुल गांधी जी और प्रियंका गांधी जी ने भी इस देश के लिए अपने पिता को खोया है, सोनिया गांधी जी अगर चाहतीं तो देश का प्रधानमंत्री बन सकती थीं लेकिन उन्होंने सत्ता का परित्याग किया, पर जिनकी आँखों पर सत्ता का मद चढ़ा हो उन्हें अपने अलावा कुछ दिखाई नहीं देता।
डॉ चरणदास महंत ने अमित शाह से प्रश्न किया कि वे देश को बताएं कि भारतीय जनता पार्टी और उनकी पीढ़ियों ने देश के लिए आज तक क्या योगदान दिया है?
डॉ महंत ने कहा कि भाजपा जिस संचार प्रणाली का उपयोग करके सत्ता में आई है वो भी काँग्रेस की ही देन है, इतना ही नहीं बल्कि निम्नलिखित कुछ तथ्य हैं जो काँग्रेस ने 70 सालों में देश के लिए किया है –

शिक्षा और डिजिटल इंडियाः स्वतंत्रता के बाद से भारत अपने शिक्षा के क्षेत्र में लगातार विकास कर रहा है। भारत की वर्तमान साक्षरता दर 74.04% है। स्वतंत्रता के समय यह मात्र 12% थी। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार पुरुषों की साक्षरता दर 82.14% और महिलाओं की साक्षरता दर 65.46% है। इससे हमारे देश में हरित क्रांति आई, जिसके परिणामस्वरूप हमारे खाद्यान्न उत्पाद में चार गुना से भी अधिक की बढ़ोतरी हुई, हमने अपने दम पर अंतरिक्ष कार्यक्रमों में सफलता अर्जित की, महामरियों का उन्मूलन किया और आईटी क्षेत्र में अभूतपूर्व सफलता हासिल की।
भारतीय इतिहास में महिलाओं की शक्तिः महिला राजनीतिज्ञों की सबसे अधिक संख्या भारत में है और यह दुनिया का ऐसा पहला देश बना जिसकी प्रमुख एक महिला रहीं – श्रीमती इंदिरा गांधी। यहाँ की पंचायतों में सबसे अधिक महिलाएं भी निर्वाचित हुईं। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष और नेता विपक्ष समेत भारत में महिलाओं ने कई उच्च सरकारी पदों पर काम किया है। पांच प्रमुख राज्यों में महिलाएं मुख्यमंत्री के पद पर अपनी सेवाएं दे चुकीं है और वर्तमान में तीन राज्यों में महिला मुख्यमंत्री ही हैं। दिलचस्प बात यह है कि केरल में कोडास्सेरी पंचायत में 100% निर्वाचित सदस्य महिलाएं ही हैं।
स्वतंत्रता के बाद से अर्थव्यवस्था में कैसे बदलाव हुएः एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के सामाजिक व आर्थिक परिदृश्य में कई बदलाव हुए हैं। औपनिवेशिक शासन काल से अब तक भारत की अर्थव्यवस्था 2.7 लाख करोड़ रुपयों से बढ़कर 57 लाख करोड़ रुपये हो गई है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार भी 300 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का हो गया है, जो बाहरी ताकतों से लड़ने में अर्थव्यवस्था की मदद करता है। सड़कों, बंदरगाहों का निर्माण करवाकर एवं खाद्यान्न के उत्पादन में आत्मनिर्भर बन कर देश ने अर्थव्यवस्था को विकास के उच्च मार्ग पर लाने की दिशा में प्रगति की है। जैसे भारत अब दालों का सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता राष्ट्र बन चुका है। चीनी का यह दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है और कपास का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक।
मतदान का अधिकार: भारत दुनिया का एक मात्र ऐसा देश है जिसने अपनी स्वतंत्रता के बाद से ही अपने प्रत्येक व्यस्क नागरिक को मतदान का अधिकार दिया था। क्या आप जानते हैं कि दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा लोकतंत्र अमेरिका, स्वतंत्रता के 150 वर्षों से अधिक के बाद, आज भी नागरिकों को निर्धारित मानदंडों के आधार पर मतदान का अधिकार देता है। भारत में स्वतंत्रता के तुरंत बाद जब 560 रियासतों ने भारत संघ के अधीन आना स्वीकार किया तो दुनिया का सबसे बड़ा विलय और अधिग्रहण हुआ। आश्चर्यजनक बात यह है कि इस विलय और अधिग्रहण की घटना में एक भी बूंद खून नहीं बहा, न तो गोलीबारी हुई और विलय का पूरा काम बहुत अच्छी तरीके से हो गया।
प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष के विविध कार्यक्रमः रक्षा तकनीक और अंतरिक्ष तकनीक पर करीब– करीब शून्य आत्मनिर्भरता के बावजूद, आज हम इस क्षेत्र के सबसे उन्नत राष्ट्रों में से एक हैं। वर्ष 1975 में भारत ने पहले अंतरिक्ष उपग्रह का डिज़ाइन तैयार किया था। इस उपग्रह का नाम महान भारतीय ज्योतिषाचार्य और गणितज्ञ आर्यभट्ट के नाम पर रखा गया था। इसके अलावा मंगल ग्रह की कक्षा में पहुंचने वाला भारत दुनिया का चौथा देश और अपने पहले ही प्रयास में सफल रहने वाला पहला देश बन चुका है। भारत ने अपने पहले ही प्रयास में चंद्रमा की पड़ताल के लिए भेजे जाने वाले चंद्रयान को लॉन्च करने में सफलता अर्जित की और चंद्रमा की मिट्टी में पानी के कणों की मौजूदगी की खोज भी की। घरेलू संचार के लिए उपग्रह विकसित करने वाला भारत दुनिया का पहला देश बन गया है। इन सभी कार्यों का श्रेय भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) को जाता है।
विविधता में एकताः धर्मों और संस्कृतियों की ऐसी विविधता के बावजूद हम एक राष्ट्र हैं और हर एक बीतने वाले दिन के साथ एकता की यह भावना और मजबूत होती जाती है। यह सबसे बड़ी उपलब्धि है क्योंकि स्वतंत्रता के बाद हम एक दूसरे के साथ शांतिपूर्ण तरीके से रहते आ रहे हैं।
उत्पादन के मामले में: स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत ने कई क्षेत्रों में विकास किया है। सबसे सस्ती दरों पर वायरलेस टेलिफोनी प्रदान करने वाला देश बना। इसी देश में दूरसंचार का बाजार सबसे तेजी से बढ़ रहा है। दुनिया का सबसे कम लागत वाला सुपर-कंप्यूटर भारत ने ही तैयार किया है। सबसे कम कीमत वाली कार (नैनो) यहीं बनाई गई हैं। विश्व का सबसे बड़ा दुपहिया वाहनों का उत्पादक हमारा देश भारत ही है। इसके अलावा हमारा देश भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध और मक्खन उत्पादक भी है। ये आंकड़े बताते हैं कि भारत विश्व स्तर पर विकास कर रहा है। धातु की बात करें तो भारत सोने का सबसे बड़ा आयातक और उपभोक्ता राष्ट्र भी है। दुनिया के कुल हीरों में से 90% हीरे हमारे देश भारत में ही पॉलिश और प्रसंस्करित किए जाते हैं।
भारतीय रेलवे का नेटवर्कः वर्ष 1947 में स्वतंत्रता के बाद, भारत को पुराना रेल– नेटवर्क विरासत में मिला। स्वतंत्रता के समय 32 लाइनों समेत कुल 42 अलग– अलग रेलवे प्रणालियां थीं जिसके मालिक भूतपूर्व भारतीय रियासतों के प्रमुख थे। ये लाइनें करीब 33,000 किमी की थीं। वर्ष 1951 में इनका राष्ट्रीयकरण किया गया और अब भारतीय रेलवे दनिया के सबसे बड़े नेटवर्क में से एक है। इसमें 68,312 किमी मार्ग पर 115,000 किमी का ट्रैक और 7,112 स्टेशन हैं। दिलचस्प बात यह है कि भारतीय रेलवे रोज़ाना 23 मिलियन यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर लाने – ले जाने का काम करती है। मुंबई का छत्रपति शिवाजी टर्मिनस और भारत के पहाड़ी रेलों को यूनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल की सूची में स्थान दिया है।
भारतीय सशस्त्र बलः दुनिया में आज भारत चार बड़ी सैन्य शक्तियों में से एक है और इसके पास दुनिया के अत्याधुनिक मिसाइल हैं।
वर्ष 2015 में सालाना 25-40 मिलियन यात्री श्रेणी में एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल ने दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाईअड्डे को सर्वश्रेष्ठ हवाई-अड्डा का खिताब दिया था। इसके अलावा प्रतिष्ठित स्काईट्रैक्स वर्ल्ड एयरपोर्ट अवार्ड्स (Skytrax World Airport Awards) में मध्य-एशिया/ भारत में सर्वश्रेष्ठ हवाई-अड्डा और मध्य-एशिया/ भारत में सर्वश्रेष्ठ एयरपोर्ट स्टाफ का भी खिताब जीता। यहाँ तक की भारत की मिड – डे मील योजना दुनिया की सबसे बड़ी स्कूल भोजन कार्यक्रम (रोज़ाना 120 मिलियन बच्चों को खाना दिया जाता है) है। हमारा राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार कार्यक्रम दुनिया में सबसे बड़े कार्यक्रमों में से एक है।
डॉ चरणदास महंत ने कहा कि ऐसे बहुत से तथ्य हैं जो बताए जा सकते हैं जिसकी एक लम्बी फ़ेहरिस्त है। काँग्रेस पार्टी बातें करने पर नहीं अपितु कार्य करने में विश्वास रखती है। अमित शाह की घबराहट में अब डॉ रमन सिंह भी उन्हीं की भाषा बोल रहे हैं राजनीति और ब्यूरोक्रेसी में शामिल है। इसलिए हमें पूरा विश्वास है कि काँग्रेस पार्टी श्री राहुल गांधी जी के नेतृत्व में आने वाले विधानसभा चुनाव 2018 में छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी जनता के आशीर्वाद से सरकार बनाने जा रही है।

Prakash Punj Pandey

Prakash Punj Pandey

State Bureau Chhattisgarh

One thought on “काँग्रेस ने दिखाया भाजपा को आईना, देश को गुमराह न करे भाजपा – डॉ चरणदास महंत

  • June 11, 2018 at 4:49 pm
    Permalink

    माननीय चरणदास महंत जी ने क्या बात कही है भाजपा खाली बोलता है वादा करता है लेकिन छत्तीसगढ़ का विकास नहीं हुआ है डॉक्टर रमन सिंह जो बोल रहे हैं वह गलत है गरीब को चावल नहीं अमीर को चावल मिल रहा है

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: