स्वतंत्रता दिवस पर मानवाधिकार की पहल-जेल से रिहा कराये गए दो बंदी

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भारतीय मानवाधिकार एसोसियेशन के राज्य महासचिव ने दोनों बंदियों के जुर्माने की धनराशि न्यालय में जमा कराया ।
हमीरपुर : भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव देशराज नामदेव के प्रयासों से १५ अगस्त को जेल से दो बंदियों को रिहा कराया गया.
शस्त्र अधिनियम व एनडीपीएस एक्ट में लोक अदालत से सजा पाये दो बंदियों की जुर्माने की धनराशि भारतीय मानवाधिकार एसोसियेशन द्वारा न्यायलय में जमा कराने के बाद उन्हें स्वतंत्रता दिवस पर जिला कारागार से रिहा किया गया।दोनों की सजा पूरी हो चुकी है।
जरिया थानाक्षेत्र के पवई गांव निवासी देवनारायण लोधी पुत्र दिल्लीपत को अवैध असलहा रखने व चिकासी थाना पुलिस ने रिहुँटा गांव निवासी बच्चू उर्फ जगमोहन पुत्र चन्द्रभान को नारकोटिक्स की धाराओं में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जेलर प्रमोद कुमार त्रिपाठी ने बताया कि दोनों आरोपियों के मुकदमे का निस्तारण लोक अदालत में हुआ था।जिसमे न्यायाधीश ने देवनारायण लोधी को साढ़े तीन माह की कैद व एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।जुर्माना अदा न करने पर सात दिन का अतिरिक्त कारावास की और सजा थी।इसी प्रकार आरोपी जगमोहन को पांच माह के कारावास व पांच सौ रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। जेलर ने बताया कि दोनों बंदियों को सजा का कार्यकाल 15 अगस्त को समाप्त हो रहा था मगर उक्त दोनों बंदियों के जुर्माने की धनराशि जमा अदा न होने के कारण उनकी रिहाई नही हो पा रही थी। जिलाकरागर हमीरपुर के जेलर प्रमोद कुमार त्रिपाठी ने बताया है कि भारतीय मानवाधिकार एसोसियेशन के राज्य महासचिव उत्तर प्रदेश देशराज नामदेव ने दोनों बंदियों के जुर्माने की धनराशि न्यायालय में जमा कराकर उसकी रसीदे हमे उपलब्ध कराकर उन्हें स्वतंत्रता दिवस पर ही रिहा करने के अनुरोध किया था।जिसपर नियमानुसार जिला कारागार हमीरपुर से उपरोक्त दोनों बंदियों को 15 अगस्त 2018 स्वतंत्रता दिवस पर जेल से रिहा क्या जा रहा है।उन्होंने भारतीय मानवाधिकार एसोसियेशन के प्रयास की सराहना भी की वही देशराज नामदेव राज्य महासचिव उत्तर प्रदेश भारतीय मानवाधिकार एसोसियेशन ने कहा हमारा संगठन पूरे देश मे मानवाधिकारो के संरक्षण हेतु कार्य कर रहा है हमने उपरोक्त बंदियों को रिहा करने में सिर्फ अपनी जिम्मेदारी का निर्वाहन किया है।उनकी सजा पूरी थी लेकिन जुर्माना जमा न हो पाने के कारण रिहाई रुकी थी।

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