विश्व मानवाधिकार दिवस पर : यूपी के हमीरपुर जनपद में संपन्न हुआ मानवाधिकार जागरूकता कार्यक्रम

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

हमीरपुर/अधिवक्ता संघ सभागार में रविवार को विश्व मानवाधिकार दिवस पर मानवाधिकार जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया।भारतीय मानवाधिकार एसोसियेशन के बैनरतले आयोजित इस संगोष्ठी में वक्ताओं ने मानवाधिकारों पर अपने अपने विचार रखे।
संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे भारतीय मानवाधिकार एसोसियेशन के देशराज नामदेव प्रदेश महासचिव उत्तर प्रदेश भारतीय मानवाधिकार एसोसियेशन ने एसोसियेशन की स्थापना से लेकर अबतक किये गए कार्यो के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुये कहा कि उनका संगठन पीड़ितों को विधिक सहायता देकर उन्हें न्याय दिलाने का प्रयत्न सदैव करता रहेगा। प्रदेश महासचिव श्री नामदेव ने आगे कहा कि राष्ट्रीय/राज्य मानव अधिकार आयोगों से जितनी अपेक्षाये थी तो आयोग अपने संसाधनों व् सिमित क्षेत्राधिकार के कारण उनपर खरे नही उतर सके और पीड़ित वर्ग निराश हुआ है। नामदेव ने कहा कि संगठन अब आयोगों की जगह पीड़तों को विधिक सहायता देकर मानवाधिकार न्यायालयों से अंतरिम न्याय दिलाने का कार्य करेगा।जिस प्रक्रिया के तहत मानवाधिकार उल्लंघन को दण्ड और पीड़ित को मुआवजा भी मिलेगा। उत्पीड़न कर्ता चाहे जितना भी प्रभाव शाली क्यों न हो लेकिन अब वह न्यायालय दण्ड से बच नही सकेगा।

हर जिले में मानवाधिकार उलंघन के मामलो को सुनेंगे स्थापित मानवाधिकार न्यायालय।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिविल जज सीनियर डिवीजन महेशानन्द झा ने कहा कि 1993 में मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम असितत्व में आया। इसके बाद राष्ट्रीय व् राज्य मानव अधिकारों आयोगों और जिला स्तरों पर मानव अधिकार न्यायालयों का गठन हुआ । मौजूद समय में उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले में मानव अधिकार न्यायालय कार्यरत है।जहाँ प्रथम अपर जिला जज जनपद की सीमाओं के भीतर घटित मानवाधिकार उल्लंघन के मामलो की सुनवाई करते है। यदि किसी ब्यकित को लगता है कि उसके अधिकारों का उल्लंघन हुआ है तो इन न्यायालय में अपनी याचिका दायर कर सकता है। श्री झा ने आगे कहा कीमौजूद समय में देश में न्यायाधीशों की कमी है। अभी जितने न्यायाधीश और मुकदमे विचाराधीन है, अगर उन्हें इसी स्थित में निपटाया जाये तो तीन सो साल लग जायेंगे।इससे भी लोगो के मानवाधिकारों का उल्लंघ होता है। उन्होंने कहा कि देश की एक लाख की आबादी पर एक न्यायालय है जिससे अदालतों में मुकदमो का बोझ बढ़ता जा रहा है।इस मौके पर प्रदेश उपप्रमुख औधोगिक संरक्षण एवं रिमझिम इस्पात लिमटेड के मैनेजर मनोज कुमार गुप्ता,प्रदेश संगठन सचिव गणेश सिंह विद्यर्थी वरिष्ठ पत्रकार,जिला विधि सचिव देवेंद्र शुक्ल एडवोकेट, दृगपाल सिंह एडवोकेट, बाँदा के नव मनोनीत जिलाध्यक्ष अनिल सिंह गौतम,इंद्रजीत सिंह नन्ना पूर्व जिलाध्यक्ष कांग्रेस ,तहसील सरीला अध्य्क्ष शिवकरन तिवारी, तहसील हमीरपुर अध्य्क्ष आशुतोष गोस्वामी सहित आदि वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे।
इस अवसर पर भारतीय मानवाधिकार एसोसियेशन के उत्तर प्रदेश महासचिव देशराज नामदेव ने अनिल सिंह गौतम को बाँदा जनपद का जिलाध्यक्ष घोषित कर अधिकार पत्र दिया वही तीन कार्यकर्ताओ को वर्ष 2017 के लिए उत्कृष्ट सेवा प्रमाण पत्र प्रदेश कमेटी की तरफ से सौप कर सम्मानित किया। इसी प्रकार से अन्य 34 सदस्यों/पदादिकारियो को स्मृति चिन्ह देकर व् वैज लगाकर सम्मानित किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: