खलपाडा रेडलाइट एरिया; सिलिगुडी

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

अनिल अनूप

समाज में उन्हें ‘अभद्र’ कहा जाता है। चरित्रहीन कहा जाता है पर लोग भूल जाते हैं कि ये इसी समाज के बनाए और सताए हुए हैं। इन्हें भी समाज के बाकी लोगों की तरह सपने सजाने और उन सपनों को पूरा करने का हक है। जी हां, आप सही समझ रहे हैं। हम बात कर रहे हैं उन महिलाओं की जिन्हें ये दुनिया वेश्या कह कर बुलाती है।

हम आपको रू-ब-रू कराना चाहते हैं इनकी जिंदगी के अंधेरे से। तकलीफों से। इनके बारे में जानेंगे तो रूह सिहर उठेगी। चलिए देखते हैं कैसी है सिलीगुड़ी के खलपारा रेड लाइट एरिया में जिंदगी।

नेपाल की रहने वाली अंकिता (बदला हुआ नाम) ने बताया कि यह दुनिया बिल्कुल अलग है। वह कहती है कि अब मुझे यहां की तकलीफें बुरी नहीं लगती। जब कभी लगती है तो मैं यह याद कर लेती हूं कि मैं एक वेश्या हूं। जब वो 18 साल की थी तब उसे नेपाल के एक छोटे से गांव से लाकर सिलीगुड़ी के रेड लाइट एरिया में बेच दिया गया था। वो एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती थी। गरीबी के कारण उसकी पढ़ाई भी बीच में ही छूट गई थी।

उसने बताया कि शुरू में हर दिन नरक की तरह लगता था। उसकी कीमत बहुत ज्यादा लगाई जाती थी। समय के साथ-साथ इस ‘धंधे’ की उसे आदत भी हो गई। उसने बताया कि एक बार उसने अपने परिवार को चिट्ठी भी लिखी, लेकिन उसका कोई जवाब तक नहीं आया। उसके परिवार का कोई शख्स अब उससे रिश्ता नहीं रखना चाहता। अंकिता कहती है कि अब उसने यह जिंदगी स्वीकार कर ली है। उसे इसकी आदत हो गई है और अब उसकी इच्छा भी उन परिवार वालों से मिलने की नहीं है जिन्होंने उससे मुंह मोड़ लिया था।

नेपाली लड़कियों को यहां ‘चिंकी’ कह कर बुलाया जाता है। बात करते-करते अंकिता घड़ी देख कर कहती है कि अब मेरे बिजनेस का टाइम हो गया है।

मुझे जाना होगा। यह पूछे जाने पर कि क्या अब उसका मन वापस घर जाने को नहीं करता। वह एक दर्द भरी मुस्कान के साथ कहती है मुझे अब कौन स्वीकार करेगा। यह पूछने पर कि क्यों? वह कहती है मैं एक वेश्या हूं साहब।

Anil Anup

Anil Anup

राज्य ब्यूरो प्रभारी पंजाब, हिमाचल, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर l

3 thoughts on “खलपाडा रेडलाइट एरिया; सिलिगुडी

  • November 9, 2018 at 10:51 am
    Permalink

    I wanted to compose you that little observation to be able to thank you once again for your precious information you’ve discussed on this page. It is quite unbelievably generous of people like you to grant freely precisely what many people might have supplied as an electronic book to make some money for themselves, particularly given that you could possibly have done it in case you decided. These secrets likewise served to become great way to be certain that other people have similar eagerness much like my personal own to grasp good deal more on the topic of this problem. I am sure there are several more fun sessions in the future for people who take a look at your site.

    Reply
    • Anil Anup
      November 11, 2018 at 6:43 am
      Permalink

      Thanks

      Reply
  • November 11, 2018 at 1:54 am
    Permalink

    I have to convey my affection for your kind-heartedness in support of women who actually need help on your niche. Your real dedication to getting the message all over had been astonishingly productive and has constantly enabled ladies like me to get to their targets. Your amazing insightful useful information entails a great deal a person like me and additionally to my mates. Regards; from all of us.

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: