कोर्ट ने तीन पाकिस्तानी नागरिकों, एवं लश्कर-ए-तैयबा के पांच सदस्यों को दोषी ठहराया

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जयपुर,  (भाषा) जयपुर की एक स्थानीय अदालत ने तीन पाकिस्तानी नागरिकों सहित लश्कर-ए-तैयबा के आठ सदस्यों को देश में आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त होने का दोषी ठहराया है। विशेष लोक अभियोजक महावीर जिंदल ने बताया कि जयपुर की अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत सोमवार को सजा का एलान करेगी।

अदालत ने लश्कर-ए-तैयबा के सदस्यों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत कल दोषी ठहराया।

राजस्थान की एटीएस ने वर्ष 2010-2011 में इन्हें गिरफ्तार किया था।

अदालत ने सभी अभियुक्तों को धारा 13 (गैरकानूनी गतिविधियों को बढ़ावा देना), धारा 18 (साजिश के लिए सजा), धारा 18 बी (आतंक के लिए भर्ती)और धारा 20 (आतंकवादी गिरोह या संगठन का सदस्य होने के लिए सजा) के तहत दोषी पाया। पाकिस्तानी लश्कर-ए-तैयबा के सदस्यों असगर अली, शेखर उल्ला और शाहिद इकबाल भारत की विभिन्न जेलों में बंद रहे हैं। अन्य पांच भारतीय बाबू उर्फ निशाचंद अली, हाफीज अब्दुल, पवन पुरी, अरूण जैन और काबिल हैं। बाबू और पवन पुरी बीकानेर जेल में असगर अली के संपर्क में आये,जबकि अरूण बाबू का दोस्त था। काबिल पंजाब जेल में शाहिद इकबाल से जुड़ा।

सभी लोग पा​किस्तानी लश्कर ए तैयबा के कमांडर के साथ मोबाइल के जरिये जुड़े थे। केन्द्रीय खुफिया एजेंसियों से मिले अलर्ट के आधार पर राजस्थान की एटीएस ने जेलों में बंद लश्कर ए तैयबा के सदस्यों और पाकिस्तान में लश्कर के कमांडर के बीच 2010 में फोन पर हुयी बातचीत के सहारे गिरफ्तार किया था।

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