उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी का जन्मदिन के दिन ही निधन,राष्ट्रीय राजनीति को बड़ी क्षति – डॉ चरण दास महंत

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October 18, 2018 16:40 IST
छत्तीसगढ़ काँग्रेस कमेटी के चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ चरणदास महंत ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी का निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि एनडी तिवारी का निधन से राष्ट्रीय राजनीति को बड़ी क्षति हुई है और यह उनके परिवार वालों के लिए भी बड़ी दुख की बात है। इस दुख की घड़ी में मेरी पूरी संवेदना उनके परिवार के साथ है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दें। एनडी तिवारी का निधन दिल्ली के मैक्स अस्पताल में हुआ। वह 93 साल के थे।

एनडी तिवारी का 93 साल की उम्र में दिल्ली के मैक्स अस्पताल निधन हो गया है।

खास बातें –
दिल्ली के मैक्स अस्पताल में ली आखिरी सांस।
बीते एक साल से बीमार चल रहे थे तिवारी।
तीन बार उत्तरप्रदेश के सीएम रहे एनडी तिवारी।

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी (ND Tiwari Dies) का निधन हो गया। नारायण दत्त तिवारी (ND Tiwari ) का निधन दिल्ली के मैक्स अस्पताल में हुआ।वह 93 साल के थे। एनडी तिवारी बीते एक साल से बीमार चल रहे थे। वह तीन बार उत्तरप्रदेश और एक बार उत्तराखंड के सीएम रहे। वह आंध्र प्रदेश के राज्यपाल भी रह चुके हैं। इसके अलावा वह केंद्र में वित्त और विदेश मंत्री भी रह चुके हैं। आज ही एनडी तिवारी का जन्मदिन भी था। एनडी तिवारी का जन्म 18 अक्टूबर 1925 को हुआ था और संयोगवश उनका निधन भी 18 अक्टूबर को ही हुआ। वह इकलौते ऐसे शख्स थे, जो दो राज्यों के मुख्यमंत्री पद पर रह चुके हैं। डॉक्टरों ने बताया कि एनडी तिवारी का निधन दोपहर दो बजकर 50 मिनट पर हुआ। उन्हें 26 अक्टूबर को अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था। वह बुखार और निमोनिया से पीड़ित थे।

कौन हैं एनडी तिवारी?
एनडी तिवारी ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से राजनीतिशास्त्र में एमए किया। उन्होंने एमए की परीक्षा में विश्वविद्याल में टॉप किया था। बाद में उन्होंने इसी विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री भी हासिल की। 1947 में आजादी के साल ही एनडी तिवारी इस विश्वविद्यालय में छात्र यूनियन के अध्यक्ष चुने गए। यह उनके सियासी जीवन की पहली सीढ़ी थी। आज़ादी के बाद 1950 में उत्तर प्रदेश के गठन और 1951-52 में प्रदेश के पहले विधानसभा चुनाव में तिवारी ने नैनीताल (उत्तर) सीट से सोशलिस्ट पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर हिस्सा लिया।

1965 में कांग्रेस के टिकट पर जीते-
कांग्रेस की हवा के बावजूद वे चुनाव जीत गए और पहली विधानसभा के सदस्य के तौर पर सदन में पहुंच गए। यह बेहद दिलचस्प है कि बाद के दिनों में कांग्रेस की सियासत करने वाले तिवारी की शुरुआत सोशलिस्ट पार्टी से हुई। 431 सदस्यीय विधानसभा में तब सोशलिस्ट पार्टी के 20 लोग चुनकर आए थे। कांग्रेस के साथ तिवारी का रिश्ता 1963 से शुरू हुआ। 1965 में वह कांग्रेस के टिकट पर काशीपुर विधानसभा क्षेत्र से चुने गए और पहली बार मंत्रिपरिषद में उन्हें जगह मिली। कांग्रेस के साथ उनकी पारी कई साल चली।

Prakash Punj Pandey

Prakash Punj Pandey

State Bureau Chhattisgarh

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