पद्मावत और काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस लेट लतीफी में उलझी, राजधानी का आना-जाना अब मुश्किल में

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कौशल किशोर मिश्रा ब्यूरो चीफ अमेठी

 

अमेठी। रेलवे स्टेशन अमेठी से गुजरने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, पद्मावत एक्सप्रेस और नीलांचल एक्सप्रेस में आज कल जादू टोना सा लग गया है। आने और जाने में विलम्बित होने की खबर अक्सर सुनाई देती है। यही नही काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस और पद्मावत एक्सप्रेस दोनो ही लेट लतीफी के चलते अक्सर रद्द होने का भी सिलसिला जारी है।
उत्तर रेलवे लखनऊ डिवीजन में गार्ड, स्टेशन मास्टर और रेलवे टेªक निरीक्षण करने वाले अधिकारी कर्मचारी के पौने दो लाख पद खाली चल रहे है। यह जानकारी विभाग में कार्यरत कर्मचारियेा ने बताया कि जब संसाधन ही नही है तो रेलगाड़ियां समय से कैसे चल पायेगी। यही वजह है दुर्घटनाओ में इजाफा हुआ है। जिस पर अंकुश नही लग पा रहा है और रेल गाडियो के लेट लतीफे का खेल जारी है।
पद्मावत एक्सप्रेस को जनपद प्रतापगढ़ से संचालित किया जाता है। जहाॅ पर अपना दल के सांसद हरिवंश सिंह है। लेकिन पद्मावत एक्सप्रेस के डिब्बे 25 वर्ष पुराने है। जिनकी बर्थ और फर्स के साथ ही टेªन के निर्मित शौचालय या तो टूटे-फूटे है या तो जर्जर दशा में फटे हाल है। रेल यात्री धर्मराज यादव, दिनेश पाण्डेय, ममता मिश्र, मुन्नी देवी, आदि बताते है कि पद्मावत एक्सप्रेस कभी रायबरेली में तो कभी लखनऊ में घण्टो खडी कर देते है। जिससे टेªन का लेट होना स्वाभाविक है। उत्तर रेलवे किसी भी शिकायत सजग सा नही दिखता। सांसद प्रतिनिधि ने उत्तर रेलवे डिवीजन में एसी कोच स्लीपर कोच के शीशे-खिडकियां दरवाजे आदि के टूटे फूटे तथा जर्जर होने की शिकायत की लेकिन महीनेो बीत गये अभी शिकायत पर अमल ही हुआ। राजकुमार पाण्डेय अनिल सिंह, देवेन्द्र सिंह महेन्द्र बरनवाल सुनील सिंह, कृपाशंकर यादव, जयसिंह यादव सुनील यादव बताते है िक कोच जितना जर्जर है। उतना झटका लेकर पद्मावत एक्सप्रेस रेस पकडती है। कब दुर्घटना घटित हो जाय। इसके लिए भारतीय रेल के पास कोई जवाब नही होगा। लेकिन प्रतापगढ़, अमेठी, रायबरेली जिले की भारतीय रेल मंत्रालय उपेक्षा कर रहा है। यही सटीक बात साबित हो रही है।
काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस कभी वाराणसी से नई दिल्ली के लिए तत्कालीन रेल मंत्री कमलापति त्रिपाठी के लिए गंगाजल अक्सर जाया करता था। भोर में चार बजे टेªन नई दिल्ली पहुच जाती थी। नई दिल्ली में बैठने वाले मंत्री भी वाराणसी के बाबा विश्वनाथ की आराधना और गंगा मईया का नमर करते थें और टेªन समय से चलने के लिए अक्सर समाचार की सुर्खियो में रहती थी। समय के अतीत में जाय तो वाराणसी से सांसद कमलापति त्रिपाठी नही अब भाजपा से सांसद नरेन्द्र दामोदर दास मोदी निर्वाचित हुए है। जो देश के प्रधानमंत्री की कुर्सी पर विराजमान है। तीन साल से ऊपर का समय बीत रहा है। काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस के संचालन का तौर और तरीका भी बदल चुका है। अब तो लेट लतीफी टेªनो में नं0 1 का सुमार इस टेªन को प्रतापगढ़, अमेठी, गौरीगंज, जायस, रायबरेली, बछरांवा और लखनऊ के खबरो में विशेष स्थान ले रही है। यात्री रामकिशुन, राममिलन, अशोक, धर्मराज, रामअवध, जयकरन, मुन्नालाल आदि बताते है कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से चलने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस को जानबूझकर विलम्बित करके चलाया जा रहा है क्योंकि प्रतापगढ़ रायबरलेी अमेठी संसदीय क्षेत्र सेयह टेªन गुजरती है। यही जादू टोना है तो काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस को उपेक्षित किया जा रहा हैं। सरकार की चले तो राजधानी जाने के लिए संचालित टेªनो को ही बन्द करवा दें। ऐसा न कर पाने से काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस पद्मावत एक्सप्रेस व नीलांचल एक्सप्रेस को विलम्ब से चलाकर तीनो क्षेत्रो को परेशान किया जा रहा है। सरकार की चले तो राजधानी जाने के लिए संचालित टेªनो को ही बन्द करवा दें। उसके मंसा पूरी नही हो रही है इस नाते टेªनो के लेट होने का खेल निरन्तर जारी है।
उत्तर रेलवे प्रबंधक सतीश कुमार ने बताया कि पद्मावत के एसी व स्लीपर कोचो को मरम्मत के लिए रेल मंत्रालय को पत्र लिखा गया है। शीघ्र ही समस्या का निस्तारण किया जायेगा। रही बात टेªनो के लेट लतीफी की तो इसके लिए डबल लाइन बनाने का काम जारी है।जल्द ही समस्या दूर होगी। कर्मचारियेा के पद रिक्त होने के सवाल पर कहा यह भारतीय रेल है। मंत्रालय के निर्णय के अनुसार काम होता है।

Ashok Shrivastav

State Head Uttar Pradesh

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