मुख्य चिकित्सा अधिकारी अमेठी ने कहा ‘ हमारे यहाँ कागज में चल रहा है ओ पी डी व बंट रही है दवा “

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अशोक श्रीवास्तव फ़ैज़ाबाद रीजन हेड के साथ चन्द्र  मोहन मिश्रा अमेठी की रिपोर्ट

 

अमेठी जिले के सी एच सी संग्रामपुर मे मात्र एक आयुष डॉक्टर के सहारे चल रहा पूरा अस्पताल । नही बैठता कोई एमबीबीएस डॉक्टर

अमेठी । अमेठी जिले के संग्रामपुर ब्लाक पर नव निर्मित 30 बेडो का करोङो की लागत से बना अस्पताल बिना डॉक्टर के बेकार साबित हो रहा है । सीएमओं के अनुसार वहां तीन डॉक्टरो की नियुक्ति की गयी जिसमे दो एमबीबीएस और एक आयुष डॉक्टर  है लेकिन अस्पताल पहुचने वाले मरीजों को सिर्फ आयुष डॉक्टर को ही दिखा कर संतोष करना पड़ता है जबकि रोग विशेषज्ञ डॉक्टरो का पता ही नहीं रहता है ।

थाने से आता है मेडिकल, जबाब डॉक्टर नही

अस्पताल के लगभग 100 दूरी पर संग्रामपुर थाना भी स्थिति है जंहा पर अक्सर मार पीट जैसे केसों के मेडिकल जांच के लिए आते रहते है लेकिन कोई एमबीबीएस डॉक्टर न होने के कारण उन्हें अमेठी के लिए रिफर कर दिया जाता है ।

अस्पताल परिसर में मौजूद संसाधन व् दवाओ से भी वंचित है मरीज
अस्पताल परिसर में मौजूद संसाधनों का लाभ आम लोगो को नही मिल पा रहा है । मरीजो को यह कह कर लौटा दिया जाता है कि यहाँ पर ये सुविधाएं उपलब्ध नहीं है । चीफ फार्मासिस्ट द्वारा डॉक्टर द्वारा लिखी गयी दवाओं को भी उपलब्ध नहीं, यह बता कर लौटा दिया जाता है । वहाँ लोकल में रहने वाले अरुण कुमार सिंह भौसिंघपुर निवासी, गुड्डू पुरे घीसा निवासी, सोनू पुरे ब्रह्चारी निवासी आदि लोगों ने बताया कि चीफ फार्मासिस्ट उपलब्ध दवाओं को भी नही है यह कह कर नही देते है जबकि डॉक्टर द्वारा लिखी रहती है. अब सवाल यह उठता है कि जब दवा उपलब्ध नहीं रहती तो क्यों लिखते क्यों है डॉक्टर ।

इमरजेंसी केसों में फार्मासिस्ट करते है ईलाज 

छोटे – मोटे दुर्घटनाओं और मारपीट में फार्मासिस्ट द्वारा ईलाज करके रिफर कर दिया जाता है ये संग्रामपुर सीएचसी के बदतर है हालात ।

मुख्यचिकित्सा अधिकारी के उल्टे बोल 

जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी अमेठी को फोन पर इन समस्याओं को अवगत कराकर जानकारी प्राप्त करनी चाही तो उन्होंने कहा, ‘ हमारे यहाँ कागज में ओ पी डी चल रही है और दवा भी बंट रही है.  उन्होने इस सम्वाददाता को  कहा कि जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्र पर 142 दवाओ का स्टाक भेजा जा चुका है, अगर इस पर भी कोई दवा नहीं दे रहा है तो स्टाक रजिस्टर चेक करके फोटो खीचिये और मुझे बताइये.

अब सवाल उठता है कि किसी भ्रष्टाचार को उजागर करने में सरकारी अभिलेख को अधिकारी न चेक करके पत्रकारो को चेक कर रिपोर्ट देने की सलाह दी जा रही है.

Ashok Shrivastav

Ashok Shrivastav

State Head Uttar Pradesh

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