धूमधाम से मनाया गया श्री गौरीशंकर ग्रामसेवा मण्डल का१०४ वां स्थापना दिवस समारोह। १०४वर्ष की हुई उत्तर भारतीयों की पहली संस्था।

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जय प्रकाश तिवारी  ब्यूरो चीफ़ जौनपुर

 

सुजानगंज/जौनपुर किसी भी संस्था की स्थापना करना आसान होता है । लेकिन उसे पीढ़ी-दर-पीढ़ी संचालित करते हुये। सौ साल से आगे ले जाना बिल्कुल आसान नहीं होता, लेकिन श्री गौरीशंकर ग्रामसेवा मण्डल मुम्बई को यह गौरव प्राप्त हुआ है। वैसे तो मुंबई में कई उत्तर भारतीय संस्थायें कई सालों, दशकों से चल रही है लेकिन यह संस्था एक मात्र पहली उत्तर भारतीय संस्था हैं जिसने सौ साल पूरा कर आगे की यात्रा जारी रखी है। सन् १९१४ में स्थापित इस संस्था ने मलाड में अपना १०४ वहां स्थापना दिवस मनाते हुये वरिष्ठ सहयोगीयों के साथ समाज के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया।मलाड पूर्व के शारदा ज्ञानपीठ इण्टरनेशनल स्कूल में आयोजित १०४ वां स्थापना दिवस एवं बोहनी समारोह की अध्यक्षता ट्रस्ट बोर्ड के चेयरमैन डॉ.कशी प्रसाद शर्मा ने की। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन सरस्वती वंदना एवं मंण्डल के संस्थापक स्वर्गीय पं.शिव मूर्त्ति उपाध्याय मंण्डल के विस्तारक स्वर्गीय पंडित.लालता प्रसाद उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। इस वर्ष मंण्डल की पहली बोहनी(चंदा) दीक्षा अभिषेक उपाध्याय ने एक लाख ५१हजार रु० देकर की।
महाराष्ट्र के पूर्व गृहराज्यमंत्री कृपा शंकर सिंह श्री जगन्नाथ संस्कृत विश्वविद्यालय जगन्नाथपुरी के पूर्व कुलपति प्रो.गंगाधर पण्डा,संम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी के साहित्य विभाग प्रमुख प्रो.त्रिवेणी प्रसाद शुक्ल राजकीय महिला महाविद्यालय वाराणसी की प्रयोगशाला.रचना शर्मा जौनपुर जनपद के समाजसेवी सुधाकर उपाध्याय श्री आदर्श रामलीला समिति काटन ग्रीन के अध्यक्ष दया शंकर तिवारी आदि अतिथि के रूप में शामिल रहे।मंण्डल के संयुक्त मंत्री सुभाष चन्द्र उपाध्याय ने अतिथियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन अनिरुद्ध पाण्डेय और संयुक्त मंत्री रामसेवक पाण्डेय ने किया।मंण्डल के ट्रस्टी डॉ.आर.आर.उपाध्याय ने सभी के प्रति आभार प्रकट किया।

Ashok Shrivastav

State Head Uttar Pradesh

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