धर्मवीर शर्मा स्टेट हेड पंजाब हरियाणा की खास ख़बरें

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*फ्लावर वैली पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में धूमधाम से मनाया गया बसंत पंचमी पर्व*

फ्लावर वैली पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बसंत पंचमी का पर्व बड़ी धूम-धाम से मनाया गया,इस अवसर पर प्रातः कालीन प्रार्थना सभा में अध्यापक वर्ग द्वारा बच्चों को इस पर्व के महत्व के बारे में परिचित करवाया गया तथा इससे जुड़ी विभिन्न ऐतिहासिक घटनाओं पर प्रकाश डाला गया स्कूल के प्रिंसिपल श्रीमती रेनू पोपली ने इस अवसर पर बच्चों को इस पर्व की बधाई दी

इस अवसर पर स्कूल प्रिंसिपल श्रीमती रेनू पोपली ने बताया कि सन 2018-19 के लिए एडमिशन आज 22 जनवरी 2018 से ही शुरू हो गए हैं।

पंजाब में गिर रहा जमीनी पानी का स्तर
पंजाब सरकार व पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवॢसटी द्वारा रा’यभर के किसानों को खेती विभिन्नता के तहत गेहूं व धान के फसली चक्कर से बाहर निकलकर सब्जियों समेत सहायक धंधों को अपनाने पर जोर दिया जा रहा है। इस गंभीर विषय पर पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने पंजाब सरकार को एक पत्र लिखकर यह सुझाव दिया कि धान की बुआई के समय में यदि 10 दिन की और बढ़ौतरी कर दी जाए तो इससे जमीनी पानी का और भी बचाव हो सकता है।
पहले होती थी मई में बुआई
पंजाब में पहले किसानों द्वारा गेहूं की कटाई अप्रैल माह में करने के बाद मई में ही धान की बुआई कर दी जाती थी। जब पानी का स्तर गिरता चला गया तो सरकार को इस संबंध में कानून बनाना पड़ा। बने कानून के तहत अब पंजाब का कोई भी किसान 15 जून से पहले धान की बुआई नहीं कर सकता है। कई मामलों में तो कानून की उल्लंघना करने वाले किसानों को जुर्माने तक की अदायगी करनी पड़ जाती है।

पूसा-44 व पी.आर.-126 की अधिकतम होती है बुआई
कृषि विभाग के अनुसार पंजाब के अलग-अलग इलाकों में दिल्ली की खोज संस्था द्वारा धान की विकसित की गई पूसा-44 और पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवॢसटी की पी.आर.-126 की बुआई होती है। पूसा पकने में 155 से 160 दिन लेती है, जबकि पी.आर.-126 की फसल पकने में लगभग 120 दिन लेती है। इन दोनों फसलों में अंतर केवल झाड़ का है। इसलिए अधिकतर किसान पूसा को ही पहल देते हैं।

15 जून की बजाय 25 जून को हो बुआई
पी.पी.सी.बी. के चेयरमैन काहन सिंह पन्नू ने सरकार को जानकारी दी कि पंजाब के 108 ब्लाक ऐसे हैं यहां पर धान की खेती का कवर एरिया अधिक होने कारण जमीनी पानी का काफी हद तक गिर चुका है। इसलिए धान की बुआई का समय 15 जून की बजाए 25 जून कर दी जाए। जिला मुख्य कृषि अधिकारी डा. बलदेव सिंह ने बताया कि पी.पी.सी.बी. द्वारा सरकार को यह सुझाव दिया गया है। इस संबंध में सरकार आने वाले समय दौरान क्या फैसला लेती है, यह तो समय ही बताएगा।

धान का कवर एरिया बढ़ा
1960 में 2 लाख 27 हजार हैक्टेयर जमीन पर।
अब 30 से 32 लाख हैक्टेयर जमीन पर।
73 फीसदी सिंचाई होती है ट्यूबवैलों से।

धान की बुआई 1 जून से हो
भारतीय किसान यूनियन लखोवाल के महासचिव हरिन्द्र सिंह लखोवाल का कहना है कि जितनी देरी से धान की बुआई होगी उतनी ही किसानों को परेशानी झेलनी पड़ती है। वे धान की बुआई 15 जून की बजाए 1 जून से चाहते हैं। सरकार को इस संबंध में विचार करना चाहिए।

सरकार ने पराली की सम्भाल संबंधी क्या किया
भारतीय किसान यूनियन हरमीत सिंह ने कहा कि गिर रहे पानी के स्तर को बचाना एक अ‘छा प्रयास है। लेकिन धान की बुआई के समय में 10 दिन की देरी करना उचिात नहीं होगा। कादियां ने पी.पी.सी.बी. व सरकार से पूछा कि पराली की सम्भाल को लेकर किस तरह की पॉलिसी बनाई जा रही है। धान की बुआई का समय 15 जून ठीक है।

एक चायवाला ही युवाओं को पकौड़े बेचने का सुझाव दे सकता है: हार्दिक पटेल
गुजरात पाटीदार समुदाय के नेता हार्दिक पटेल ने पकौड़ा वाली टिप्पणी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सोमवार निशाना साधते हुए कहा कि केवल एक ‘‘चायवाला’’ ही बेरोजगार युवाओं को पकौड़े बेचने की सलाह दे सकता है।

गौरतलब है कि मोदी ने हाल ही में कहा था कि क्या ‘‘पकौड़े’’ बेचकर 200 रुपए प्रति दिन कमाने वाले किसी व्यक्ति को बेरोजगार माना जा सकता है।
बेरोज़गार युवा को पकौडे का ठेला लगाने का सुझाव एक चायवाला ही दे सकता है, अर्थशास्त्री एसा सुझाव नहीं देता
पटेल ने सोमवार को एक ट्वीट कर कहा, ‘‘बेरोजगार युवाओं को पकौड़े का ठेला लगाने का सुझाव एक चायवाला ही दे सकता है। अर्थशास्त्री ऐसे सुझाव नहीं देता।’’ पटेल ने हाल ही में हुए गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का समर्थन किया था।

 

: अब हरियाणा में बुलंदशहर जैसी दरिंदगी, परिजनों के सामने ही किया महिला से दुष्कर्मएक युवक ने परिवार की 22 साल की एक महिला को झाड़ियों में ले जाकर दुष्कर्म किया।…
। हरियाणा में महिलाओं के साथ दुष्कर्म के मामले बढ़ते जा रहे हैं। प्रदेश में दुष्कर्मियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि पिछले एक पखवाड़े के दौरान दर्जनभर महिलाओं, युवतियों और बच्चियों के साथ दुष्कर्म के मामले सामने आ चुके हैं।
ताजा मामला गुरुग्राम का है। यहां पर रविवार को एक युवक ने एक 22 वर्षीय महिला के साथ दुष्कर्म किया। दुष्कर्म के पहले महिला के परिजनों के साथ आरोपी के तीन साथियों ने मारपीट भी की। पुलिस ने मेडिकल और बयान के बाद रिपोर्ट दर्ज कर ली। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
इससे पहले बीते सोमवार को ही फरूखनगर इलाके में एक छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ था और रविवार को दुष्कर्म का एक और मामला आ गया।
प्राथमिकी के अनुसार, पश्चिम बंगाल का मूल निवासी एक परिवार साउथ सिटी में रहता है। सेक्टर 56 में इनके रिश्तेदार रहते हैं। रविवार की रात यह परिवार दावत खाकर आर्टिका कार से लौट रहा था। कार में सात लोग थे। परिवार के एक सदस्य को लघुशंका करना था।
जैसे ही कार रुकी, एक अल्टो कार में सवार चार युवक वहां पहुंच गए। सभी नशे में थे। वे परिजनों से पूछताछ करने लगे। परिजनों के जवाब पर चारों उन्हें पीटने लगे। इसी बीच एक युवक ने परिवार की 22 साल की एक महिला को झाड़ियों में ले जाकर दुष्कर्म किया।
विरोध पर इन लोगों ने पीड़ित परिवार को फिर पीटा। इसके बाद चारों वहां से भाग गए। परिजनों ने सेक्टर 56 थाना में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने जोहलका से सोमवार दोपहर देशवीर, धर्मेंद्र, पवन एवं संजीत को गिरफ्तार कर लिया। दुष्कर्म का आरोप संजीत पर है।
बुलंदशहर और जेवर सामूहिक दुष्कर्म से मिलती जुलती है वारदात
वारदात यूपी में पिछले साल दो साल के दौरान दो सामूहिक दुष्कर्म से मिलती जुलती है। बता दें कि यूपी के जेवर में 24 मई, 2017 की रात में जेवर-बुलंदशहर रोड पर साबौता के पास लूटपाट के बाद 4 महिलाओं से सामूहिक दुष्कर्म किया गया था।
विरोध करने पर एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। पीड़ित परिवार के 8 सदस्य अपनी गाड़ी से बुलंदशहर जा रहे थे। जेवर में सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की यह वारदात उसी सड़क पर हुई थी, जिस पर पिछले साल 29 जुलाई 2016 की रात को बुलंदशहर सामूहिक दुष्कर्म  केस हुआ था। तब इसी तरह यात्रा कर रहे एक परिवार की महिलाओं के साथ परिवार के पुरुष सदस्यों के सामने सामूहिक दुष्कर्म हुआ था।

पंजाब की नौ जेलों में 1630 एचआइवी पॉजिटिव, हाई कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
पंजाब की नौ जेलों में एचआइवी के 1630 मामले सामने आए हैं। इस मामले में जनहित याचिका दायर की गई है। इस पर हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार से जवाब मांगा है। …
चंडीगढ़। पंजाब की नौ जेलों में एचआइवी के 1630 मामले सामने आने के बाद इस मामले की उच्चस्तरीय जांच हाई कोर्ट की निगरानी में करवाने के लिए जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
मामले में याचिका दाखिल करते हुए बनूड़ निवासी करणवीर सिंह ने एक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर का हवाला देते हुए बताया कि पंजाब की 9 जेलों में एचआइवी के 1630 मामले सामने आए हैं। फरीदकोट की मार्डन जेल में सबसे अधिक 439, बठिंडा जेल में 30, फिरोजपुर में 322, अमृतसर में 299, कपूरथला में 210, लुधियाना में 137, पटियाला में 75, होशियारपुर में 63 और गुरदासपुर में 55 मामले सामने आए हैं।
याची ने कहा कि इसका सबसे बड़ा कारण नशे के लिए इंजेक्शन को सांझा करना और सेक्चुअल कॉन्टेक्ट है। याचिकाकर्ता ने कहा कि जेल में आने वाले कैदियों का आते समय मेडिकल एग्जामिनेशन सही प्रकार से नहीं किया जाता। इसी कारण इनमें से यदि कोई एचआईवी पॉजिटिव जेल में आता है तो वह कई लोगों को इसका शिकार बना देता है। जेल प्रशासन को सभी का मेडिकल करवाना चाहिए और यदि कोई व्यक्ति जेल में आते हुए एचआईवी पॉजिटिव नहीं था और बाद में हो जाता है इस पर जांच करनी चाहिए।

याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से अपील की कि ईमानदार पुलिस अधिकारियों की उच्च स्तरीय एसआईटी बनाकर इस मामले की जांच की जानी चहिए। इस जांच को किसी भी प्रकार से प्रभावित होने से बचाने के लिए हाईकोर्ट को खुद इसकी निगरानी करनी चाहिए। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब सरकार और जेल विभाग को 18 मार्च के लिए नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।

शहर का घंटाघर शहर की पहचान व शान होता है, लेकिन पिछले लंबे समय से यहां का घंटाघर…
अबोहर शहर का घंटाघर शहर की पहचान व शान होता है, लेकिन पिछले लंबे समय से यहां का घंटाघर नगर कौंसिल व प्रशासन की अनदेखी के चलते लोगों को मुंह चिढ़ा रहा है। यहां लगी बड़ी घड़ी जिस पर आसानी से समय देखा जा सकता है, गलत समय के कारण लोगों को मुंह चिढ़ा रही है। दिलचस्प बात यह है कि यह घंटाघर नगर कौंसिल कार्यालय के सामने ही है।
जानकारी अनुसार इस घंटाघर का निर्माण भारत में अंग्रेजों की महारानी विक्टोरिया ने अपने 60 वर्ष के राज्य का कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर 1897 में करवाया था। इस घंटाघर पर लगे पत्थर पर आज भी केसरगंज के शब्द अंकित हैं। बताते हैं कि उस समय इस पर लगा घंटा हर एक घंटे के बाद बजा करता था, जिससे लोग आसानी से समय का अंदाजा लगा लेते थे । इसकी आवाज पूरे शहर में सुनाई देती थी, लेकिन पिछले लंबे समय से घड़ी खराब होने से घंटा की आवाजा नहीं सुनाई देती है। इसको ठीक करवाने की कोशिश भी की गई, लेकिन यह ठीक नहीं हो पाया।
करीब एक दशक पहले नगर कौंसिल द्वारा इसके दोनों तरफ बड़ी-बड़ी घड़िया लगवा दी गई, ताकि घंटाघर की शानोशौकत को कायम रखा जा सके, लेकिन अब इसकी सुईयां ठहरी हुई हैं। घंटाघर पर लगी घड़ी पर एक तरफ पौने दस बजे हैं तो दूसरी तरफ 2, लिहाजा जब भी यहां से गुजर रहा व्यक्ति इस तरफ देखता है तो वह चकित रह जता है। अब जब नगर कौंसिल ने स्वच्छता अभियान के तहत रैं¨कग बढ़ाने को पूरा दमखम लगा दिया है तो इस समय भी घंटाघर की सुइयां चल नहीं पाई
बाहर से कारीगर बुलाकर करवा देंगे ठीक
इस संबंध में जब नगर कौंसिल के कार्यकारी अधिकारी विजय ¨जदल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उनके ध्यान में यह मामला है। इसको लेकर यहां के एक दो कारीगरों से बात की गई थी, लेकिन उन्होंने ठीक करने में असमर्थता जताई थी। बाहर के कारीगरों को बुलाकर इसको ठीक करवा दिया जाएगा।

ब्रेकिंग न्यूज़

*आज सुबह एक लड़की बेसुध हालत में अपने ही घर के पास बेहोशी हालत में मिली*

108 संचालकों ने इसे सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया

जहां उसकी हालत को गंभीर देखते हुए फरीदकोट मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।

भगवा लहर पर पंजाब भाजपा लगा रही कलंक
p b. भारतीय जनता पार्टी देश में सत्ता में है और देश भर के राज्यों में कांग्रेस को खत्म कर सत्ता लाने की फिराक में है। यही नहीं भाजपा एक बार फिर से 2019 के लोकसभा चुनावों में जीत हासिल कर दोबारा सत्ता में आने की कोशिशों में जुटी है। देश भर में भगवा लहर का दावा किया जा रहा है लेकिन भाजपा की इस लहर पर पंजाब भाजपा की हालत किसी कलंक से कम नहीं है। देश भर में चल रही लहर पर पंजाब में आकर ब्रेक लग रही है जिसके लिए पंजाब भाजपा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी पंजाब में पूरी तरह से ठंडी पड़ गई है। पार्टी को विपक्षी दल के तौर पर बेहतर भूमिका में रहने का काफी अनुभव है लेकिन पंजाब में पार्टी विपक्ष की भूमिका भी निभा नहीं पा रही है। पंजाब में सत्ता में आए कांग्रेस को 10 माह का समय बीत गया है लेकिन भाजपा मजबूत विपक्ष नहीं दे पाई है जिस कारण पार्टी का जमीनी वर्कर पार्टी से अलग हो रहा है।
अहम मसलों पर खामोश पार्टी
पंजाब में कांग्रेस को सत्ता में आए अभी एक माह का समय हुआ था कि भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने फोटो सैशन करवा कर ज्ञापन का ड्रामा रचकर कांग्रेस के खिलाफ आरोपों का काम आरंभ कर दिया था। उसके बाद फोटो सैशन तक यह मामला आगे भी चला लेकिन जमीन पर पार्टी की गतिविधियां पूरी तरह से शून्य हो चुकी हैं। पिछले 10 महीने में पार्टी को कितने ही अवसर मिले लेकिन विपक्ष की भूमिका को उसने खुलकर नहीं निभाया। खासकर माइनिंग टैंडर से लेकर राज्य के सिंचाई मंत्री राणा गुरजीत के त्यागपत्र तक भाजपा ने कोई अहम विरोध नहीं जताया।
विरोध करने निकले तो संख्या न मिली
भाजपा के नेताओं ने सत्ता में रहते हुए जमीनी वर्कर को पूरी तरह से दरकिनार रखा जिस कारण अब विपक्ष में होते हुए भाजपा को जमीनी वर्कर नहीं मिल रहे हैं जो रोष धरनों में भीड़ जुटाने का काम कर सकें जिसके चलते पार्टी के नेताओं को कम संख्या के साथ ही काम चलाना पड़ रहा है। 16 जनवरी को पंजाब सरकार के 10 माह के कार्यकाल के पूरा होने पर असफल सरकार के विरोध में रखा रोष जताने का कार्यक्रम पंजाब भर में 1-2 जिलों को छोड़कर बाकी जगह फ्लाप रहा।
हार से सीख नहीं ले रही पार्टी
भारतीय जनता पार्टी देश में तो हर तरफ मजबूत होने की कोशिश में है लेकिन पंजाब में पार्टी लगातार पिछड़ रही है। पार्टी ने पंजाब में पहले विधानसभा चुनाव हारे तो लगते हाथ निकाय चुनावों में भी हार को सिर-माथे पर स्वीकार किया लेकिन एक के बाद एक हार से सबक नहीं ले रही। जो हाल पार्टी का विधानसभा चुनावों से पहले था वही हाल आज भी है और आगे भी सुधरता नहीं दिख रहा।

: शिक्षा सचिव को चढ़ा अंग्रेजी का खुमार
पंजाब में मातृभाषा पंजाबी को लागू करवाने के लिए किए जा रहे नाममात्र प्रयासों को अपेक्षा अनुरूप सफलता मिलती हुई नहीं दिख रही। सरकारी कामकाज में पंजाबी को प्रोत्साहन देने के लिए अकाली-भाजपा सरकार ने सभी दफ्तरी पत्रों को पंजाबी में जारी करने के आदेश जारी किए थे। सरकार बदलते ही उक्त निर्देश हवा होते दिखाई दे रहे हैं।आजकल स्कूल शिक्षा सचिव को भी अंग्रेजी का खुमार चढ़ा हुआ है।
कार्यालय द्वारा कई पत्र अब पंजाबी की बजाय अंग्रेजी भाषा में ही जारी किए जा रहे हैं। इतना ही नहीं इनको आगे ऑनलाइन साइट पर भी ऐसे ही स्कैन कर डाल दिया जाता है। यहां शिक्षा सचिव को यह समझने की जरूरत है कि पंजाब के स्कूलों में काम करने वाले सभी अध्यापकों को पंजाबी आती है। अगर पंजाबी में पहले सभी पत्र जारी हो रहे थे तो अब पंजाबी को नजरअंदाज क्यों किया जा रहा है?वहीं देखने वाली बात यह है कि जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा भी अंग्रेजी में ही पत्र आगे  स्कूल प्रिंसीपलों को ऑनलाइन भेजा गया है। अब देखने वाली बात यह है कि पंजाबी के नाम पर अपना नाम चमकाने वाली संस्थाएं इस मसले को कितनी गंभीरता से लेती हैं। अन्यथा सभी विभागों में पंजाबी को नजरअंदाज करना आम बात हो जाएगी।

बॉलीवुड मनोरंजन
अभी तक कुंवारी हैं ये बॉलीवुड की यह फेमस हीरोइनें , निकल रही है उम्र
कहते हैं कि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है तो उसके साथ ही शरीर में भी कई तरह के बदलाव होने लगाते हैं। इसलिए ठीक समय पर शादी कर लेनी चाहिए। लेकिन वहीं बॉलीवुड में तो यह हमेशा से परंपरा रही है कि यहां के स्टार काफी लंबे समय तक शादी ही नहीं करते हैं।
सलमान खान 50 साल की उम्र पार करने के बाद भी कुंवारे हैं। लेकिन इन एक्ट्ररो में केवल सालमान ही नहीं बल्कि कुछ हीरोइनें भी हैं जो ज्यादा उम्र होने के बावजूद भी अब तक कुंवारी है। तो आज हम आपको उन्हीं एक्ट्रेसो के बारे में बताने जा रहें हैं।
सुष्मिता सेन- मिस यूनिवर्स सुमिष्ता सेन ने अभी हाल ही में अपना 42 वां बर्थडे मनाया है। बॉलीवुड में एक सफल पारी खेल चुकी सुष्मिता सेन सामाजिक कार्यो से भी जुड़ी रहती हैं। जबकि उन्होंने शादी नहीं कि है लेकिन फिर भी उन्होंने दो बेटियों को गोद लिया है। सुष्मिता का नाम कई बॉलीवुड अभिनेताओं के साथ जुड़ा लेकिन फिर भी इनकी शादी नही।
नगमा- सलमान के साथ बॉलीवुड में डेब्यू कर चुकी नगमा भी अभी तक कुवारी हैं।42 वर्षीय नगमा, सलमान के साथ फिल्म बागी से अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने दक्षिण भारत की फिल्मों में भी काम किया था फिलहाल राजनीति में सक्रिय नगमा ने अभी तक शादी के बारे में नहीं सोचा है।
तब्बू-तब्बू ने भी अभी तक शादी नहीं कि है। एक वक्त था जब कहा जाता था कि तब्बू का अफेयर अजय देवगन के साथ है। बता दें कि तब्बू ने भी एक इंटरव्यू में कहा था कि अजय के कारण ही उनकी शादी नहीं हो पाई है। 46 साल की तब्बू भी सिंगल है।
अमीषा पटेल :अमीषा पटेल 41 साल की हैं और सिंगल हैं।  ऋतिक रोशन के साथ बॉलीवुड में डेब्यू कर चुकी अभिनेत्री अमीषा पटेल ने भी अभी तक शादी नहीं कि है।
नरगिस :नरगिस फखरी 38 साल की हैं और अभी भी सिंगल हैं। हालांकि, एक्टर उदय चोपड़ा के साथ उनके अफेयर के किस्से भी खूब सुनने को मिले।

कैसे कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ ने विरोधियों को दिया करारा जवाब
चंडीगढ़ः प्रदेश की कैप्टन अमरेंद्र सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने किसानों से कर्जा माफी का वादा पूरा किया है जबकि प्रदेश में किसानों द्वारा की जाने वाली आत्महत्या के लिए केंद्र की मोदी सरकार जिम्मेदार है। यह बात प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने खास बातचीत दौरान कही। इस दौरान श्री जाखड़ ने कहा कि भष्टाचार बर्दाशत नहीं किया जाएगा। कर्ज माफी पर उन्होंने कहा कि वादा तो सरकार पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि कैप्टन सरकार ने कर्ज माफी का जो फैसला किया है वह प्रशंसनीय है। 10 लाख 25 हजार किसान परिवारों का कर्ज माफ कर उन्हें राहत दी गई जो सरकार का बहुत बड़ा कार्य है। इस दौरान उन्होंने सुखबीर सिंह बादल पर भी निशाना साधा

स्कूल में लगा मोबाइल टावर, बच्चों की सेहत खतरे में
चंडीगढ़ मोबाइल टावर के रेडिएशन से हैल्थ को होने वाले दुष्प्रभावों के मद्देनजर हाईकोर्ट ने भले ही कई बार कड़ी टिप्पणी कर इन्हें आबादी से दूर लगाने के निर्देश दिए हों, लेकिन शहर के एक सरकारी स्कूल में इन आदेशों कोई असर नहीं दिख रहा है। मामला सैक्टर-49 स्थित गवर्नमैंट मॉडल हाई स्कूल का है। स्कूल में मोबाइल टावर जस का तस ही लगा है।
हालांकि कई बार अभिभावकों ने इस बारे में स्कूल प्रशासन को शिकायत दी पर फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। बता दें कि यह टावर स्कूल भवन बनने के बाद लगाया गया है। जबकि मोबाइल टावर नीति के अनुसार किसी भी स्कूल-कालेज के आसपास मोबाइल टावर लगाना गैर-कानूनी है।
मोबाइल टावर के आसपास अन्य भी स्कूल और रिहायशी इलाका है, जिस कारण मोबाइल टावर से निकलने वाली रेडिएशन का बुरा असर बच्चों की हैल्थ पर पड़ रहा है। टावर से निकलने वाली इलैक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगे कैंसर की वजह भी बन सकती हैं।
एक मीटर के एरिया में 100 गुना ज्यादा रेडिएशन :
मोबाइल टावर के 300 मीटर दायरे में सबसे ज्यादा रेडिएशन होती है। एंटेना के सामने वाले हिस्से में सबसे ज्यादा तरंगें निकलती हैं। टावर के एक मीटर के एरिया में 100 गुना ज्यादा रेडिएशन होता है। टावर पर जितने ज्यादा एंटिना होंगे, रेडिएशन भी उतना ही ज्यादा होगा।
रेडिएशन से होने वाले नुकसान :
-थकान
-अनिद्रा
-डिप्रेशन
-ध्यान भंग
-चिड़चिड़ापन
-चक्कर आना
-याद्दाश्त कमजोर होना
-सिरदर्द
-दिल की धड़कन बढऩा
-पाचन क्रिया पर असर
-कैंसर का खतरा बढऩा
-ब्रेन ट्यूमर
टावर लगाने के नियम :
-छतों पर सिर्फ एक एंटीना वाला टावर ही लग सकता है।
-पांच मीटर से कम चौड़ी गलियों में टावर नहीं लग सकता।
-एक टावर पर लगे एंटीना के सामने 20 मीटर तक कोई घर नहीं होना चाहिए।
-टावर घनी आबादी से दूर होना चाहिए।
-जिस जगह टावर लगाया जाता है, वह प्लॅाट खाली होना चाहिए।
-टावर से निकलने वाली रेडिएशन की रेंज कम होनी चाहिए।
-कम आबादी में जिस बिल्डिंग पर टावर लगाया जाता है, वह कम से कम पांच- छह मंजिला होनी चाहिए।
-टावर के लिए रखा गया जैनरेटर बंद बॉडी का होना चाहिए, जिससे शोर न हो।
-जिस बिल्डिंग की छत पर टावर लगाया जाता है, वह कंडम नहीं होनी चाहिए।
-दो एंटीना वाले टावर के सामने घर की दूरी 35 और बारह एंटीना वाले की 75 मीटर जरूरी है।

यमुना में तैरता मिला राम नाम लिखा पत्थर, दर्शनों के लिए दूर-दूर से पहुंच रहे लोग
कानपुर: औद्योगिक नगरी कानपुर में लोगों को यमुना नदी में तैरता हुआ राम नाम का पत्थर मिला है। जिसको लेकर ग्रामीणों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। वहीं पत्‍थर के दर्शन के लिए आस-पास के गांवों से लोगों का जमावड़ा लग गया। इतना ही नहीं बल्कि दूर-दूर से लोग इसके दर्शन और पूजा के लिए पहुंच रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक शहर से करीब 70 किलोमीटर दूर स्थित सजेती थाना क्षेत्र का मऊ नखतपुर गांव यमुना नदी के किनारे बसा है। बीते रविवार को यमुना किनारे ग्रामीण नहा रहे थे उसी दौरान उन्हें दूर से एक तैरता हुआ पत्थर दिखाई पड़ा। जब पत्थर नजदीक आया तो ग्रामीणों ने देखा कि उसपर राम नाम लिखा है।

वहीं ग्रामीणों ने अद्भुत पत्थर को राम सेतु का टुकड़ा बताया और पूजा अर्चना शुरू कर दी। ग्रामीणों का मानना है कि ये पत्‍थर त्रेतायुग का है। जिसके चलते लोगों ने इस अलौकिक पत्थर को यमुना किनारे स्थित हनुमान मंदिर में स्थापित कर दिया है।

तेल माफिया पंजाब सरकार को प्रत्येक वर्ष लगा रहा है 2200 करोड़ की चपत

:  पंजाब अबोहर पैट्रोल-डीजल पर पड़ोसी राज्यों के मुकाबले अधिक वैट दरों में अतंर का फायदा उठाते हुए सक्रिय तेल माफिया हरेक वर्ष पंजाब सरकार को 2200 करोड़ रूपए की चपट लगा रहा है। तेल माफिया हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली व चंड़ीगढ़ से सस्ती दरों पर पैट्रोल और डीजल की स्मगलिंग करके इसकी राज्य में होम डिलवरी कर रहा है और इतने बड़े स्तर पर यह सारा खेल एक्साइज एंड टैक्टेशन अधिकारियों की सांठगांठ से खेला जा रहा है।

विधानसभा चुनावों में वैट की दरों को कम करने के झूठे वायदे हुए पंरतु कांग्रेस की सरकार बनने के बाद कै. अमरेन्द्र अपने इस वायदे पर अमली जामा पहनाना भूल चुके हैं। इस बात से खफा पैट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने सरकार व तेल माफिया के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आज से मोहाली में भूख हड़ताल शुरू की है।

एसोसिएशन के प्रधान परमजीत सिंह दोआबा व प्रवक्ता जी.एस. चालवा ने आरोप लगाया कि पिछले 17 वर्षों में तेल माफिया ने पंजाब के खजाने को 40 हजार करोड़ रूपए का नुक्सान पहुंचाया है। उन्होंने बताया कि इस संबध में उन्होंने राज्य सरकार को अनेकों ज्ञापन दिए परंतु किसी सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि वर्ष 2000 के बाद राज्य में वाहनों की बिक्री में रिकार्ड वृद्धि होने के बावजूद 2000 के बाद से पैट्रोल व डीजल की बिक्री में रिकार्ड गिरावट दर्ज हुई है, जोकि 10 प्रतिशत से कम होकर 2 प्रतिशत रह गई है।

उन्होंने बताया कि इंडियन आटो मोबाइल मैन्यूफैक्चर एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब में 2 पहिया वाहनों की बिक्री पड़ोसी राज्यों हरियाणा, हिमाचल व अन्य राज्यों की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक हुई है, फिर भी पिछले 7 वर्षों के तथ्यों के अनुसार पंजाब में पैट्रोल की खपत 67 प्रतिशत से घटकर 41 प्रतिशत रह गई है जबकि पड़ोसी राज्यों में पैट्रो पदार्थों की खपत लगातार बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि पंजाब में पड़ोसी राज्यों के मुकाबले पैट्रोल व डीजल के दाम ज्यादा होने से रोजाना 2 करोड़ रूपयों से ज्यादा का नुक्सान हो रहा है।

पैट्रोल-डीजल को जी.एस.टी के दायरे में लाया जाए
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार से पैट्रोल व डीजल को जी.एस.टी के दायकरे में लाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जी.एस.टी लगने से जहां देश भर में पैट्रोल व डीजल के दाम एक समान होगे वहीं इसकी कालाबाजारी पर भी रोक लग जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार को चाहिए कि तुरंत पैट्रोल-डीजल पर वैट की दरों को कम करके पड़ोसी राज्यों के बराबर लाए तांकि पंजाब के बार्डर जिलों के बंद होने की कगार पर पंहुच चुके सैंकड़ों पंप मालिकों को राहत मिल सके।

पंजाब व पड़ोसी राज्यों में वैट की दरें
राज्य                      पैट्रोल                       डीजल
पंजाब                     37.54                     17.78
हरियाणा                 26.25                     17.22
हिमाचल प्रदेश        27.00                     16.00
दिल्ली                    27.00                     17.39
चंड़ीगढ़                   24.77                     16.43

सर्दी फिर लौटी : साल की पहली बारिश, 8 डिग्री लुढ़का
चंडीगढ़, : नए साल की पहली बारिश से चंडीगढ़ का तापमान 8 डिग्री सैल्सियस लुढ़क गया। सोमवार को जहां शहर का अधिकतम तापमान 22 डिग्री सैल्सियस था तो वहीं मंगलवार को बारिश व ठंडी हवाओं के चलते 14 डिग्री सैल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मंगलवार सुबह से शाम तक रूक-रूककर बारिश होती रही।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में यह बदलाव आया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बुधवार सुबह भी बूंदाबांदी होने की संभावना बनी हुई है। मंगलवार को शहर का अधिकतम तापमान भारी गिरावट के साथ 14.6 डिग्री सैल्सियस दर्ज किया गया, जो कि सामान्य से 6 डिग्री सैल्सियस नीचे था, जबकि न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री सैल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार चंडीगढ़ में 3.1 एम.एम. बारिश दर्ज की गई है, जबकि चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर 2 एम.एम. बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार सुबह कोहरे के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

 दिग्गजों की राजनीति में क्लीन बोल्ड हुए सिद्धू
पंजाब अबोहर  भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हो चुके स्टार प्रचारक एवं अंतर्राष्ट्रीय पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू को कांग्रेस में शामिल होने के पहले ही वर्ष जिस स्थिति का सामना करना पड़ रहा है, उसे देख सिद्धू को भविष्य में कहीं न कहीं पछताना भी पड़ सकता है।

अगर सिद्धू को आगे भी कई अहम मुद्दों पर इसी तरह नजरअंदाज किया जाना जारी रहा, तो ऐसी स्थिति में उन्हें अकाली-भाजपा गठबंधन के कार्यकाल में जिस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ रहा था, कहीं कांग्रेस में भी ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़ जाए। जिस तरह से स्थानीय निकाय मंत्री होने के बावजूद निगम के महांपौरों की नियुक्तियों को लेकर सिद्धू को पूरी तरह से दर किनार किया गया है, उससे साफ जाहिर होता है कि कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के पश्चात पहले ही वर्ष में सिद्धू कांग्रेस पार्टी के बड़े-बड़े दिगगजों की राजनीति का शिकार हो ही गए हैं। सिद्धू के साथ ही भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए वे सभी भाजपाई भी आज-अंदर ही अंदर मायूस हुए दिखाई देने लगें हैं। अगर ऐसी ही स्थिति जारी रही, तो सिद्धू का राजनीतिक भविष्य भी कहीं न कहीं प्रभावित हो सकता है।

सिद्धू को कैश करने के पश्चात किया गया दरकिनार
देश में हर तरफ जहां भाजपा की स्थिति मजबूत होती दिखाई दे रही थी, वहीं कांग्रेस की हालत हर तरफ कमजोर होती दिखाई दे रही थी। गत वर्ष पंजाब में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान सिद्धू कांग्रेस पार्टी में शामिल होने से पहले आम आदमी पार्टी में शामिल होने का भी प्रयास किया था। इसके अलावा उन्होनें बैंस ब्रदर्ज तथा हाकी के पूर्व खिलाड़ी प्रगट सिंह के साथ मिल कर अलग से फ्रन्ट बनाने का भी प्रयास किया था लेकिन पर्दे के पीछे सिद्धू कांग्रेस के संपर्क भी चल रहे थे। उस दौरान पंजाब में अकाली-भाजपा गठबंधन का आप तथा कांग्रेस के साथ तिकोना मुकाबला होने की प्रबल संभावना दिखाई दे रही थी लेकिन आप की कुछ शर्तों पर सहमति न होने के कारण सिद्धू कांग्रेस पार्टी के तत्कालीन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के संपर्क में रहते हुए पंजाब के डिप्टी सी.एम. बनने की शर्त पर कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

हालांकि कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने उस दौरान शुरू-शुरू में सिद्धू को कांग्रेस में शामिल करवाने में कोई विशेष दिलचस्पी नहीं दिखाई दी थी लेकिन कांग्रेस हाईकमान ने पंजाब में कांग्रेस की स्थिति को मजबूत करवाने के इरादे से सिद्धू से हाथ मिला लिया था जिसका कांग्रेस को फायदा मिला भी और उसके पश्चात निगम चुनावों में भी सिद्धू को कांग्रेस खूब कैश करने में कामयाब रही थी। अब जब पंजाब के तीनों निगमों में कांग्रेस शानदार जीत हासिल कर चुकी थी, कांग्रेस प्रदेश हाईकमान ने अपना मतलब निकालने के पश्चात सिद्धू को अंदर ही अंदर दरकिनार करना शुरू कर दिया था। जिसका सबसे पहले खुल कर खुलासा निगम महापौर की नियुक्ति को लेकर लिए गए फैसले के दौरान हुआ। सिद्धू को अब जा कर समझ आ रही है कि कांग्रेस अपने स्वार्थ के लिए उन्हें कैश कर चुकी है और अब अकालियों की तरह उनसे व्यवहार करने लग पड़ी है।
2019 के संसदीय चुनावों से पहले हो सकता है सियासी धमाका
अंदर ही अंदर सिद्धू व उनके समर्थक कांग्रेस की सिद्धू के प्रति बरती जाने वाली योजनाओं से भली भान्ति परिचित हो चुकें हैं। दूसरी तरफ सिद्धू खुद और उनके समर्थक, जो कि भाजपा छोड़ सिद्धू के साथ ही कांग्रेस में शामिल हुए थे, भी भली-भान्ति जान चुकें हैं कि कांग्रेस में उनका भविष्य लंबे समय तक उज्जवल नहीं है। इसलिए समय की नजाकत को देखते हुए सिद्धू और उनके समर्थक फिलहाल चौकसी बरतते हुए अंदर ही अंदर नई योजनाएं तैयार करते हुए आगामी दिनों में वर्ष 2019 में होने जा रहे संसदीय चुनावों से पहले-पहले कोई बड़ा धमाका कर।

*अगले सौ दिनों में हो सकते हैं लोकसभा चुनाव*

*केंद्र की मोदी सरकार आम बजट में सौगातों की बौछार करने के बाद राज्यों के होने वाले चुनावों के साथ लोकसभा के चुनाव भी करवा सकती है*

ब्रेकिंग
गणतंत्र दिवस की फाईनल रिहर्सल नेहरू स्टेडियम में शुरू
एसपी व एसडीएम मौके पर विशेष रूप से पहुचें
कडाके की ठंड में अव्यवस्था का आलम
*स्टेडियम में बैठने हेतू दरियों एवं कुर्सियों का प्रबंध नहीं*
कमेटी मैंबर व बच्चे ठंडे फर्श पर बैठने को मजबूर
*प्रशासन ने किया अनदेखा*
: *ब्रेकिंग अपडेट*
कुर्सियों व दरियों के प्रबंध की जिम्मेवारी थी नगर परिषद की।

*रिहर्सल के दो घंटे बाद फटकार लगाने पर आई कुर्सियां*

बच्चों के लिए भी भी खास इंतजाम नहीं।
[1/24, 12:21] Dharmveer Sharma Chandigarh: *Breaking update*
नगर परिषद की लापरवाही सामने आते ही SDM ने लिया तुरंत एक्शन, कौंसिल अधिकारियों को निकाला नोटिस और दरियों का करवाया इंतजाम।

 

राम रहीम को जन्मदिन से पहले हाईकोर्ट ने दिया बड़ा झटका
चंडीगढ़ः पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने राम रहीम के जेल से प्रवचन करवाने की याचिका को खारिज कर दिया है। राम रहीम के एक भक्त मालवा इंसां ने हाईकोर्ट में याचिका डाल प्रवचन करवाने की इजाजत मांगी थी। डेरा समर्थकों ने मांग की थी कि राम रहीम को जेल से ही प्रवचन देने की इजाजत दी जाए। इसके लिए डेरा समर्थकों ने हाईकोर्ट में याचिका भी की थी।
जानकारी के मुताबिक पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका डालकर डेरा के पूर्व प्रमुख शाह सतनाम सिंह जी महाराज के जन्म दिवस 25 जनवरी को राम रहीम द्वारा प्रवचन दिए जाने के लिए ये याचिका डाली गई है। यह याचिका मालवा इंसा फॉलोवर्स डेरा सच्चा सौदा असोसिएशन के अध्यक्ष देव राज गोयल की ओर से दायर की गई है।
याचिका में क्या लिखा
याचिका में प्रवचन को ब्रॉडकास्ट कराने की व्यवस्था के निर्देश दिए जाने की भी मांग की गई। इसके अलावा सिरसा में डेरा सच्चा सौदा के आश्रम में भक्तों को सप्ताहिक, 15 दिन या एक महीने पर प्रवचन देखने के लिए पर्याप्त व्यवस्था कराने का निर्देश दिया जाए। एडवोकेट राव पीएस गिरवर ने कहा कि मेरे मुवक्किल समाज हित के लिए कार्य करते हैं और इसके लिए एक पैसा भी नहीं लिया जाता। इस बार अब शाह सतनाम जी महाराज के जन्म दिवस पर ऐसा ही करने की योजना बनाई गई है।
गौरतलब है कि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम को साध्वियों के साथ बलात्कार के मामले में 20 साल की सजा सुनाई है। जिसके चलते पंचकूला में हिंसा भी की गई थी। इतना ही नहीं हिंसा के मामले में राम रहीम की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत को भी पुलिस ने पकड़ लिया है।

Ashok Shrivastav

State Head Uttar Pradesh

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