Proud Moments For Indians: विरोधी पार्टियों के गले की हड्डी बना आम आदमी पार्टी का ये नया कीर्तिमान

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Proud Moments For Indians: जहाँ एक ओर अन्य पार्टियों द्वारा शक्ति, सत्ता व् प्रभुत्तव का इस्तेमाल अपनी अपनी राजनितिक रोटियां सेंकने में किया जा रहा है वहीँ दूसरी ओर चंद समय पूर्व अस्तित्व में आई आम आदमी पार्टी विकाश के नए आयाम स्थापित कर जनता का दिल जीत रही है.

ये भी पढ़े:-यूपी में आदमी पार्टी की एंट्री : ये वक्त ख़ुशी मनाने का नहीं रणनीति बनाने का है.
अभी हाल ही में दिल्ली सरकार को फिनस्ट एजुकेशन सिस्टम व बेहतरीन स्वास्थ सेवाओं के लिए विदेशों से भी शुभकामनायें शंदेश मिल रहें है. फ़िलहाल इस “Proud Moments” पर बात करने से पहले एक महत्वपूर्ण तथ्य पर आप सबका ध्यान केंद्रित करना चाहूंगा.

मीडिया द्वारा इस विषय को ज्यादा तवज्जों न देना- विदेशी मीडिया में आम आदमी पार्टी का डंका पीटा जा रहा है. अरे अमेरिकी मीडिया ने तो अपनी सरकार से कह दिया कि विकाश कैसे करते हैं , ये केजरीवाल सरकार से सीखो. UN के पूर्व प्रमुख कोफी अन्नान ने भी ‘मोहल्ला क्लीनिक’ की तारीफ की. नॉर्वे के पूर्व PM ने पीठ थपथपाई. लेकिन भारतीय मीडिया द्वारा आम आदमी पार्टी के इस कीर्तिमान को ज्यादा तव्वजो न देना वाकई शर्म की बात है. हाँ शर्म कि बात तो है ही, क्यूंकि भारतीय मीडिया “मोदी” के सूट को लेकर स्पेशल शो आयोजित करती है. मीडिया के लिए विराट कोहली कि शादी में बने व्यंजनों को दिखाने में दिलचस्पी है, लेकिन जिस कार्य से भारत का नाम ऊँचा हो रहा है उसे दिखाने में शर्म आती है.

चलिए अब बात करते है उस बात कि जिसने हर एक भारतीय का सर गर्व से ऊँचा कर दिया है.
आम आदमी पार्टी शुरू से ही जनता को चौंकाया और विरोधी पार्टियों को अपने काम के बूते डराया है.

सरकारी स्कूलों के प्रति लोगों कि धारणा बदली :- सरकारी स्कूल का नाम आते ही मन में “डरावने और दयनीय” विचार आने लगते है. लेकिन आम आदमी पार्टी ने यह सिद्ध कर दिया कि जब विकाश ही आपका मुद्द्दा हो तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं. केजरीवाल सरकार ने न सिर्फ सरकारी स्कूलों कि रुपरेखा बदली बल्कि शिक्षण और शिक्षकों को व्यवस्थित करने के लिए बेहतरीन रणनीति अपनाई.
जहाँ अन्य राज्यों में सरकारी स्कूलों के प्रधानाध्यापक भी क्लासो का निरिक्षण करने से अलसाते हैं वहीँ दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री खुद विद्यालयों का औचक निरिक्षण करने पहुँच जाते है.

नॉन रीडर्स के लिए रणनीति :- कई बार देखा गया है कि कुछ बच्चों का मन पढ़ने में नहीं लगता, इसके लिए हर दिन अलग से दो घंटे क्लास चलाई .पढ़ाई को और सीखने को नॉन रीडर्स के लिए आसान बनाया गया. कभी कहानियां सुनाकर, कभी तस्वीरें दिखाकर, उनके दिमाग में अक्षरों को छाप छोड़ने की कोशिश की गई. स्कूलों में एक घंटे का खास ‘रीडिंग आवर’ शुरू किया . इस एक घंटे में शिक्षक बच्चों को साथ बैठकर उन्हें किताबें पढ़कर सुनाता है . एजुकेशनल वीडियो दिखाता है . बच्चे तस्वीरें बनाते. कागज पर तस्वीरें उकेरकर शब्दों को समझने की कोशिश की जाती. इसका असर हुआ. बच्चों में सुधार होने लगा. पढ़ने में उनका मन लगने लगा .

आम आदमी पार्टी शिक्षा को सर्वाधिक बजट देने वाली सरकार बनी है. केजरीवाल सरकार ने – कुल सालाना बजट का 24 फीसद शिक्षा के लिए दिया. 10,000 नए क्लासरूम बनवाने का प्रस्ताव. पिछले साल 8,000 क्लासरूम बनवाए थे. 400 लाइब्रेरी शुरू करने का प्रस्ताव, बच्चो पर नज़र रखने के लिए शिक्षकों को टैबलेट टेबलेट दिया.

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *