अपने खाते मे मिनिमम बैलेंस ना रख पाने की वजह से SBI ने वसूले 1771 करोड़ रुपये

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रमेश श्रीवास्तव
अपने खाते में महीने में मिनिमम एवरेज बैलेंस (MAB) न रख पाने वाले कस्टमर्स से देश के सबसे बड़े बैंक SBI ने अप्रैल से नवंबर 2017 के बीच 1,771 करोड़ रुपए वसूले हैं. ये जानकारी वित्त मंत्रालय की तरफ से जारी की गई है.
ये पैसा SBI के जुलाई से सितंबर के क्वॉर्टर में कमाए गए नेट प्रॉफिट 1,581.55 करोड़ रुपए से ज़्यादा है और अप्रैल से सितंबर के बीच कमाए गए नेट प्रॉफिट 3,586 करोड़ रुपए से करीब आधा है.
SBI ने 2016-17 के वित्तीय वर्ष में अपने खातों से MAB (मिनिमम एवरेज बैलेंस) मेनटेन न कर पाने पर कोई चार्ज नहीं वसूला था. लेकिन पांच साल के लंबे अंतराल के बाद ये चार्ज फिर से शुरू किए गए और सिर्फ 8 महीने में ही बैंक को 1,771 करोड़ रुपए की कमाई हुई.

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़े
SBI में कुल 42 करोड़ सेविंग्स बैंक अकाउंट हैं, जिनमें से 13 करोड़ बेसिक सेविंग्स अकाउंट और प्रधानमंत्री जनधन योजना अकाउंट्स हैं. इन दोनों ही तरह के खातों से बैलेंस मेनटेन न कर पाने पर चार्जेस वसूले गए हैं. इस बारे में जब इंडियन एक्सप्रेस ने SBI से उसका पक्ष जानना चाहा, तो मेल का जवाब नहीं आया.
SBI के बाद पंजाब नेशनल बैंक वो बैंक है, जिसने बैलेंस मेनटेन न कर पाने पर सबसे ज़्यादा चार्जेस वसूले हैं. PNB ने अप्रैल से नवंबर के बीच 97.34 करोड़ और फिर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने 68.67 करोड़ और केनरा बैंक ने 62.16 करोड़ रुपए वसूले. पंजाब ऐंड सिंध बैंक इकलौता राज्य-स्वामित्व वाला बैंक है, जिसने बैलेंस मेनटेन न कर पाने पर कोई चार्ज नहीं वसूला.
सरकारी और प्राइवेट, दोनों ही तरह के अधिकांश बैंक मिनिमम बैलेंस मेनटेन न कर पाने पर चार्जेस वसूलते हैं. कैश ट्रांजैक्शंस को कम से कम करने के लिए HDFC, ICICI और एक्सिस जैसे प्राइवेट बैंकों ने खाते से पैसे निकालने के मौके सीमित कर रखे हैं. एक निश्चित सीमा तक ट्रांजैक्शन के बाद वो इसके लिए भी चार्जेस वसूलते हैं. प्राइवेट बैंकों ने बैलेंस मेनटेन न करने पर कितना चार्ज वसूला, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है.
SBI ने 1 अप्रैल 2017 से मिनिमम बैलेंस मेनटेन न करने पर वसूला जाने वाला चार्ज बढ़ा दिया था और सितंबर में इसमें रियायत दी. पहले मेट्रो सिटी के खाता धारकों को अपने अकाउंट में पांच हज़ार रुपए रखने ही होते थे, जिसे घटाकर तीन हज़ार रुपए कर दिया गया.

Ramesh Srivastav

Bureau Chief Pratapgarh

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