तो इन गलतियों की वजह से निकाय चुनाव हारी समाजवादी पार्टी.

  • 6.1K
  • 2.4K
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
    8.5K
    Shares

उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव के हालिया नतीजे ये संकेत कर रहे हैं कि बीजेपी अपने प्रतिद्वंदियों को करारी मात दे रही है। निकाय चुनाव के परिणाम ने समाजवादी पार्टी को निराश किया है। आठ महीने पहले तक सत्तारूढ़ रहने वाली सपा एक भी नगर निगम में मेयर का पद जीतने के आसार नहीं दिख रहे । समाजवादी पार्टी की इस करारी हार की ये है मुख्य वजह

ये भी पढ़ें :-निकाय चुनाव परिणाम 2017 :बीजेपी की शानदार जीत की ये है वजह :

१-पारिवारिक मतभेद : सपा कि नैया पारिवारिक मतभेद कि वजह से डूबी है. विधान सभा में भी सपा कि हार का मुख्य कारण परिवार की आपसी नोक झोंक ही बनी. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल यादव के बीच शुरू हुई जंग ने पार्टी को खासा नुकसान पहुंचाय.बताया जा रहा है कि पार्टी कार्यकर्ताओं में पार्टी के वास्तविक मुखिया के बारे में भी संसय है .

२-चुनाव प्रचार रहा बेजान : निकाय चुनाव के समय बीजेपी ने अच्छी रणनीति का प्रयोग किया और प्रचार में पूरी जान झोंक दी. खुद मुख्यमंत्री योगी ने 40 जान सभाये की है. जबकि अखिलेश और मुलायम सिंह यादव ने प्रचार में कोई खासी दिलचस्पी नहीं दिखाई. जो की सपा की हार की मुख्य वजह बनी.

३-नोटबंदी का डंक:- नोट बंदी ने आर्थिक रूप से सबकी कमर तोड़ दी है. इसके अलावा आधार कार्ड की अनिवार्यता ने चुनाव फण्ड में आने वाले पैसे को कम कर दिया है. जिससे की चुनाव प्रचार के लिए पर्याप्त व्यवस्था न होना भी सपा की हार का एक कारण है.

४-वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की उदासीनता : पार्टी में पारिवारिक कलह ने सपा के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का उत्साह कम कर दिया है. सपा के प्रचार प्रसार में इस बार कार्यकर्ताओं व समर्थकों ने ज्यादा दम ख़म नहीं दिखाया.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: