ये थाना सुमेरपुर है साहब! यहाँ की पुलिस अपने चहेतों को बचाने के लिए सारे तथ्य झुंठला देती है.

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न्यूज मिरर के लिए विशेष संवाददाता देशराज नामदेव के साथ क़ाज़ी अज़मत कि विशेष रिपोर्ट:

मामला चाहे पुलिस के चहेतों के द्वारा पत्रकारों से दुर्व्यहार व् अभद्रता करने का हो, या खुले आम अवैध वसूली का हो या फिर थाना परिसर के अंदर पुलिस कर्मियों कि मौजूदगी में किसी के साथ मारपीट करने का हो, इन सारे मामलों पर परदा डालने का काम हमीरपुर जनपदीय पुलिस बखूबी कर लेती है. ऐसे मामलों में जब जागरूक लोग संगीन मुद्दे उठाकर पुलिस के इन चहेतों की अवैध वसूली व थाने के अंदर गुंडा गर्दी की वारदातों को विभाग के उच्चाधिकारियों के संज्ञान में ला अपेक्षित कार्यवाई कि अपेक्षा करते हैं तो जनपद पुलिस इन मामलों को नकारने व् शोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया में प्रकाशित समाचारों को झुंठलाने का भरसक प्रयास करती है. जिसका जीता जगता प्रमाण हमीरपुर जिले के थाना सुमेरपुर में देखने को मिलता है.

क्या है ताजा मामला : अभी हाल ही में दिनांक 20 जुलाई 2018 को थाना सुमेरपुर का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमे थाना परिसर में पुलिस कर्मियों के सामने ही एक प्राइवेट व्यक्ति एक युवक को गिरेबान पकड़कर मारते हुए थाने के अंदर ले जाते हुए दिखाई दे रहा है. जनचर्चाओं के अनुसार इस वीडियो में जो व्यक्ति बिना बालों के हैं और टीशर्ट पहने हुए है वह इंद्रजीत सिंह है, जो अवैध वसूली करता है. इंद्रजीत सिंह पर अवैध वसूली व पत्रकार मुन्ना विश्वकर्मा के साथ मारपीट का आरोप है. जिसकी जाँच सीओ सदर कर रहें हैं.

थाना परिसर में हुई मारपीट का वीडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक करें

इस ताजा मामले पर क्या कहती है पुलिस : इस ताजा मामले को पुलिस ने एक व्यक्ति[पवन कुमार निवासी पचखुरा बुजुर्ग] और उसके साथी राहुल के द्वारा शराब पीकर थाने में उत्पात मचाने पर पब्लिक द्वारा मारपीट करना दर्शाया है. जबकि उक्त वीडियो में इंद्रजीत सिंह को साफ़ तौर पर देखा जा सकता है.

क्या है पूरा मामला : बात 6 जुलाई की है. उसदिन पत्रकार मुन्ना विश्वकर्मा को सूचना मिली कि एक व्यक्ति वाहनों से अवैध वसूली कर रहा है. सूचना मिलने के बाद मुन्ना विश्वकर्मा बसस्टैंड पहुंचे जहाँ पर इंद्रजीत सिंह वाहन चालकों से वसूली कर रहा था, मुन्ना विश्वकर्मा इस घटना कि वीडियो बनाने लगें इस बात पर इंद्रजीत ने पत्रकार मुन्ना के साथ मारपीट करते हुए मोबाइल व कैमरा छीन लिया था.
वहीँ 10 जुलाई को एक वीडियो खबर आयी जिसमे एक ऑटो ड्राइवर ने बताया कि उक्त इंद्रजीत सिंह ने उसकी आपे रोक ली और पुलिस का धौंस दिखाते हुए जबरन 500 रु० ले लिए.

6 जुलाई का विस्तृत समाचार पढ़ने के लिए क्लिक करें :पुलिस की शह पर गाड़ियों से वसूली करने वाले दबंग ने की पत्रकार के साथ हाथापाई

इस घटना के बाद क्या किया पुलिस ने: इस प्रकरण में पत्रकार मुन्ना विश्वकर्मा ने थाना सुमेरपुर में घटना दिनांक ६ जुलाई को इंद्रजीत के विरुद्ध तहरीर दी थी. लेकिन थाना सुमेरपुर और हमीरपुर पुलिस ने मुन्ना विश्वकर्मा द्वारा तहरीर देने कि बात को झुंठला दिया था.

न्यूज मिरर इम्पैक्ट :न्यूज मिरर कि पहल पर डी आई जी रेंज चित्रकूट धाम ने इस प्रकरण में हमीरपुर पुलिस अधीक्षक को जाँच व कार्यवाई कर तत्काल अवगत कराने के निर्देश दिए. जिसपर सीओ सदर द्वारा जाँच किये जाने कि बात कही गयी. इसी क्रम में 19 जुलाई को मुन्ना विश्वकर्मा सीओ सदर के बुलावे पर उनके पास बयान अंकित कराने गए थे. जहाँ पर सीओ सदर द्वारा बयान अंकित कर कार्यवाई का आश्वाशन दिया गया. लेकिन गौर करने कि बात है की अभी तक उक्त इंद्रजीत के विरुद्ध कोई कार्यवाई नहीं कि गयी.
अब क्या कह रही है पुलिस : वर्तमान स्थिति देखते हुए यह लग रहा है कि पुलिस इस पूरे प्रकरण को दबाने का प्रयास कर रही है. हाल ही में थाना परिसर में मारपीट करते हुए वायरल वीडियो के सन्दर्भ में पुलिस के छोटे अधिकारी से लेकर बढे अधिकारी तक कुछ भी कहने से कतरा रहें है.
आज जब न्यूज मिरर के संपादक महोदय ने इस बाबत एस पी से बात करनी चाही लेकिन फ़ोन पर संपर्क स्थापित नहीं हो सका. तो उन्होंने उक्त प्रकरण पर डी आई जी के सी यू जी नंबर पर बात कर प्रकरण पर उनका वर्जन लेना चाहा. लेकिन डी आई जी महोदय ने इस प्रकरण कि जानकारी न होने कि बात करते हुए फ़ोन काट दिया. जबकि शुरुआत से ही उक्त प्रकरणों में डी आई जी महोदय अपने ट्विटर हैंडल पर हर बार प्रकरण कि जाँच कर आवश्यक कार्यवाई करने के आदेश दे रहे थे. किन्तु डी आई जी का ये कथन कि प्रकरण उनके संज्ञान में नहीं है, हास्यप्रद प्रतीत होता है.

  • ये बिंदु हैं जिनसे पुलिस के ऊपर शन्देह होता है.
    >थाना सुमेरपुर में पत्रकार मुन्ना विश्वकर्मा के द्वारा दी गयी तहरीर को पुलिस द्वारा गायब करना.
    >पुलिस द्वारा बार बार मामले को दबाने का प्रयास करना.
    >प्रकरण में शुरू से अबतक इंद्रजीत का उल्लेख हुआ, लेकिन अभी तक पुलिस द्वारा इंद्रजीत सिंह से पूंछ तांछ व कोई कार्यवाही न >करना.
    >उपरोक्त हर प्रकरण में इंद्रजीत सिंह का शामिल रहना.
    >पुलिस के उच्चाधिकारियों द्वारा संतोषजनक जवाब न देना.

ये जानते हुए भी की यह वही व्यक्ती है जिसपर मुन्ना विश्वकर्मा पत्रकार के साथ वीडियो बनाते समय मारपीट कर कैमरा व् मोबाइल छीनने का आरोप है. और वायरल वीडियो में भी उक्त व्यक्ति जिसका नाम जनचर्चा में इंद्रजीत सिंह प्रकाश में आया है और वही व्यक्ति थाना परिसर के अंदर थाने के पुलिस कर्मियों की मौजूदगी में किसी व्यक्ति के साथ मारपीट करते हुए दिखाई दे रहा है. जिसपर थाना पुलिस ने कोई कार्यवाई नहीं की बल्कि उसे [इंद्रजीत सिंह को] “पब्लिक” सम्बोधित किया . जबकि इसी इंद्रजीत सिंह के खिलाफ उच्चाधिकारियों के आदेश पर सीओ सदर जाँच कर रहें है. अब यहाँ विचारणीय बिंदु यह है कि जिस व्यक्ति पर पुलिस के लिए अवैध वसूली और पत्रकार के मारपीट का आरोप है वह थाने में पुलिस कि मौजूदगी में किसी के साथ मारपीट कैसे कर सकता है?
अब देखना यह है कि ऐसी स्थिति में विभाग के मुखिया पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह क्या इस पूरे प्रकरण पर अपने स्तर उच्च स्तरीय जाँच कराकर सत्यता का खुलासा कराएँगे या फिर एक और विभागीय झूठ सामने आएगा…

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